दिव्यांग मुकुन्दा के इरादों ने पेश की स्वच्छता की अनूठी मिसाल
इरादे बुलंद हो और लक्ष्य प्राप्ति की इच्छा सुदृढ़ हो तो किसी भी प्रकार की बाध्यता लक्ष्य तक पहुँचने में नहीं रोक सकती चाहे वो शारीरिक हो अथवा मानसिक। ऐसा ही एक उदाहरण सामने आया है ऋषभदेव पंचायत समिति की गरनाला कोटड़ा ग्राम पंचायत में रहने वाली मुकुन्दा पत्नी अमरा का। जिसने दोनों पैरों से विकलांग होने के बावजूद भी अपने घर में शौचालय बनवाकर ग्रामवासियों के लिए एक मिसाल पेश की है।
इरादे बुलंद हो और लक्ष्य प्राप्ति की इच्छा सुदृढ़ हो तो किसी भी प्रकार की बाध्यता लक्ष्य तक पहुँचने में नहीं रोक सकती चाहे वो शारीरिक हो अथवा मानसिक।
ऐसा ही एक उदाहरण सामने आया है ऋषभदेव पंचायत समिति की गरनाला कोटड़ा ग्राम पंचायत में रहने वाली मुकुन्दा पत्नी अमरा का। जिसने दोनों पैरों से विकलांग होने के बावजूद भी अपने घर में शौचालय बनवाकर ग्रामवासियों के लिए एक मिसाल पेश की है।
स्वच्छ भारत अभियान के दौरान गरनाला क्षेत्र में आमजन को शौचालय निर्मित करने के लिए मॉर्निंग फोलोअप के दौरान घर-घर संपर्क कर आमजन को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा था उसी दौरान उपखण्ड अधिकारी ऋषभदेव के साथ ग्राम पंचायत की टीम एवं राजीविका समूह के अध्यक्ष सहित आदि कमेटी के प्रतिनिधि मुकुन्दा के घर पहुंचे और उससे बात की तो मुकन्दा ने प्राथमिकता से शौचालय बनाने की इच्छा जाहिर की।
शारीरिक रुप से सक्षम न होने एवं पुत्र मुकेश के गुजरात में मजूदरी करने को लेकर उसे यह कार्य मुश्किल सा लगने लगा। लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी और ग्राम पंचायत की टीम के समक्ष शौचालय बनवाने की इच्छा जाहिर की। इस पर सरपंच संगीता देवी व सचिव श्री किरीट जोशी ने इस कार्य के लिए मुकुन्दा की हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया और शौचालय निर्माण की सामग्री उपलब्ध करवाई। तत्पश्चात मुकुन्दा ने अपने पुत्र मुकेश को बुलाकर शौचालय निर्माण का कार्य प्रारंभ किया।
