गलतियां बताकर धर्मप्रवृति बन्द न करेंःमुनि शास्त्र लिक विजय
मुनि शास्त्रतिलक विजय महाराज ने कहा कि धर्मप्रवृति में जो गलतियां हो रही है उन्हें हमें सुधारना चाहिये न कि उनमें गलतियां बताकर धर्मप्रवृतियों को ही बन्द कर दें। वे आज श्री जैन श्वेताम्बर मूूर्तिपूजक जिनालय संघ की ओर से हिरणमगरी सेक्टर 4 स्थित शांति सोमचन्द्र सूरीश्वर आराधान भवन में आयोजित धर्मसभा में बोल रहे थे।
मुनि शास्त्रतिलक विजय महाराज ने कहा कि धर्मप्रवृति में जो गलतियां हो रही है उन्हें हमें सुधारना चाहिये न कि उनमें गलतियां बताकर धर्मप्रवृतियों को ही बन्द कर दें। वे आज श्री जैन श्वेताम्बर मूूर्तिपूजक जिनालय संघ की ओर से हिरणमगरी सेक्टर 4 स्थित शांति सोमचन्द्र सूरीश्वर आराधान भवन में आयोजित धर्मसभा में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार प्रभु की पूजा के लिये शुद्ध सामग्री नहीं मिलती तो पूजा हम बन्द नहीं करतें है, ठीक उसी प्रकार भोजन की शुद्ध सामग्री नहीं मिलने पर उसमें सुधार कर शुद्ध भेाजन पकाना चाहिये न कि भेाजन करना ही बंद कर दें।
उन्होेंने कहा कि सचिन जैसा बल्लेबाज भी कोच रखता था। हमनें भी शिक्षक की बातें मान ली होती तो अच्छी शिक्षा पढ़ गये होते। सब जगह किसी न किसी अपने बड़ो की बातों को मानकर ही हम आगे बढ़ सकते है। वैसे धर्म में भी भगवान और गुरू की बातें मानकर चलेंगे और उसमें हम अपनी बुद्धि का उपयोग नहीं करेंगे तो ही हम आत्म कल्याण के लिये आगे बढ़ सकेंगे।
श्री जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक जिनालय समिति सेक्टर-4 के अध्यक्ष सुशील कुमार बांठिया ने बताया कि रविवार प्रातः साढ़े नौ बजे से 11 बजे तक मुनि शास्त्र तिलक विजय महाराज जैन रामायण पर विशेष प्रवचन देंगे।
