क्या आपके हाथों में भी रची है गहरी काली मेहंदी ! तो हो जाए सावधान, डॉक्टर ने बताई ये जानकारी
Udaipur Times, New Delhi : त्योहार हो या शादी-ब्याह का मौका, हाथों पर रची मेहंदी महिलाओं के शृंगार का खास हिस्सा मानी जाती है। मेहंदी का रंग जितना गहरा होता है, हाथ उतने ही खूबसूरत नजर आते हैं। खासकर फेस्टिव सीजन में महिलाएं हाथों पर अलग-अलग डिजाइन की मेहंदी लगवाना पसंद करती हैं। हालांकि, अगर मेहंदी लगाने के बाद हाथों पर बहुत जल्दी गहरा भूरा या लगभग काला रंग आ जाए तो इसे सिर्फ खूबसूरती से जोड़कर नहीं देखना चाहिए। नेचुरल हिना और बाजार में मिलने वाली कुछ ब्लैक या इंस्टेंट डार्क मेहंदी में काफी अंतर हो सकता है। कुछ उत्पादों में ऐसा केमिकल इस्तेमाल किया जाता है, जो त्वचा पर एलर्जी और दूसरे रिएक्शन का कारण बन सकता है।
काली मेहंदी में हो सकता है PPD
डर्मेटोलॉजिस्ट के मुताबिक, कुछ ब्लैक मेहंदी में पैरा-फेनिलडायमाइन यानी PPD (PPD) पाया जा सकता है। यह वही केमिकल है जिसका इस्तेमाल कुछ हेयर डाई में भी किया जाता है। इसका उद्देश्य रंग को जल्दी और ज्यादा गहरा करना होता है। ऐसी मेहंदी लगाने के बाद अगर कुछ ही समय में त्वचा पर बहुत गहरा रंग दिखाई देने लगे तो प्रोडक्ट की सामग्री के बारे में जानकारी जरूर लेनी चाहिए। हर गहरे रंग वाली मेहंदी में PPD हो, ऐसा जरूरी नहीं है, लेकिन ब्लैक मेहंदी खरीदते समय सावधानी रखना जरूरी है।
नेचुरल हिना का रंग कैसा होता है?
नेचुरल हिना की पत्तियों को सुखाकर और पीसकर तैयार किए गए पाउडर से बनी मेहंदी आमतौर पर हाथों पर ऑरेंज या नारंगी रंग छोड़ती है। कुछ समय बाद यह रंग धीरे-धीरे गहरा होकर भूरा हो सकता है। नेचुरल हिना का रंग तुरंत काले जैसा गहरा नहीं होता। अगर कोई मेहंदी बहुत कम समय में ही बेहद गहरा भूरा या लगभग काला रंग देने लगे तो उसके पैकेट पर लिखे ingredients और product details जरूर चेक करें।
PPD से त्वचा को क्या नुकसान हो सकता है?
PPD के संपर्क में आने पर कुछ लोगों को कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस जैसी एलर्जी हो सकती है। इसके लक्षण मेहंदी वाली जगह पर ही दिखाई दें, यह जरूरी नहीं है। त्वचा पर लालिमा, खुजली, जलन, सूजन, चकत्ते या छोटे-छोटे फफोले जैसी समस्या हो सकती है।कभी-कभी रिएक्शन ज्यादा होने पर त्वचा में दर्द और तेज जलन भी महसूस हो सकती है। इसलिए मेहंदी लगाने के बाद अगर असामान्य तरीके से त्वचा में जलन या सूजन शुरू हो जाए तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
एक बार एलर्जी होने के बाद दोबारा भी हो सकती है समस्या
PPD से जुड़ी एक महत्वपूर्ण बात यह है कि एक बार किसी व्यक्ति में इससे सेंसिटाइजेशन यानी एलर्जी की प्रवृत्ति विकसित हो जाए तो भविष्य में दोबारा PPD के संपर्क में आने पर रिएक्शन हो सकता है। यही वजह है कि ब्लैक मेहंदी से होने वाली एलर्जी को केवल उस समय की त्वचा संबंधी परेशानी मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कुछ लोगों को भविष्य में PPD वाले अन्य उत्पादों, जैसे कुछ हेयर डाई, के संपर्क में आने पर भी परेशानी हो सकती है।
मेहंदी खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
अगर आप बाजार से मेहंदी की कोन खरीद रही हैं तो सिर्फ उसके रंग या डिजाइन को देखकर फैसला न करें। पैकेट या प्रोडक्ट पर दिए गए ingredients, निर्माता की जानकारी और इस्तेमाल संबंधी निर्देश जरूर पढ़ें।
बिना जानकारी वाली ब्लैक मेहंदी से बचें।
पैकेट पर ingredients की जानकारी जरूर देखें।
बहुत जल्दी काला रंग देने वाले उत्पादों को लेकर सावधान रहें।
मेहंदी लगाने के बाद जलन, खुजली या सूजन हो तो उसे नजरअंदाज न करें।
तेज रिएक्शन होने पर त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लें।
मेहंदी का गहरा रंग ही खूबसूरती की गारंटी नहीं
मेहंदी का गहरा रंग देखकर खुश होना स्वाभाविक है, लेकिन सिर्फ डार्क स्टेन को मेहंदी की अच्छी क्वालिटी का संकेत नहीं माना जा सकता। नेचुरल हिना का रंग धीरे-धीरे विकसित होता है, जबकि कुछ केमिकल युक्त उत्पाद जल्दी गहरा रंग दे सकते हैं। इसलिए अगली बार मेहंदी लगवाते समय डिजाइन और रंग के साथ उसकी क्वालिटी पर भी ध्यान दें। खूबसूरत हाथों के साथ त्वचा की सुरक्षा का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है।