क्या आप जानते है एक IAS अधिकारी को कितनी मिलती है पेंशन ? साथ ही मिलती हैं ये बड़ी सुविधाएं

 | 
क्या आप जानते है एक IAS अधिकारी को कितनी मिलती है पेंशन ? साथ ही मिलती हैं ये बड़ी सुविधाएं 

IAS Officer Pension : क्या आपको पता है एक IAS अधिकारी को कितनी पेंशन मिलती है अगर नहीं पता तो आज हम आपके लिए जरूरी जानकारी लेकर आए है जिसके तहत आपको बताने वाले है की IAS अफसर को कितनी पेंशन मिलती है और सरकार इसके साथ साथ क्या-क्या खास सुविधाएं देती है। 

IAS को देश की सबसे ताकतवर नौकरी मानी गई है, इस मुकाम तक पहुंचने के लिए बहुत सारे युवा UPS परीक्षा देते हैं। IAS अफसर को सेवा के दौरान जो रुतबा, बंगला, गाड़ी और सैलरी तो स देखते है लेकिन क्या आपको पता है सरकार इन्हें हर महीने कितनी पेंशन देती है? 

मिली जानकारी के अनुसार, देश का IAS अफसरों जो अफसर अपनी मर्जी से नौकरी के बीच में VRS (VRS) यानी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले लेते हैं, उनकी पेंशन का क्या होता है? 

कितनी मिलती है पेंशन?

7वें वेतन आयोग के नियमों के मुताबिक, रिटायरमेंट के समय अफसर की जो बेसिक सैलरी होती है, उसका ठीक 50 % हिस्सा उन्हें हर महीने पेंशन के रूप में दिया जाता है। मिसाल के तौर पर, अगर कोई IAS अफसर ‘कैबिनेट सेक्रेटरी’ (जो कि देश में IAS का सबसे ऊंचा पद है) के पद से रिटायर होता है तो उनकी बेसिक सैलरी लगभग 2।5 लाख रुपये महीना होती है। इस हिसाब से उन्हे उन्हें हर महीने कम से कम 1।25 लाख रुपये की पेंशन मिलती है। 

पेंशन बराबर होती है?

नहीं, मिली जानकारी के अनुसार, सबको बराबर पेंशन नहीं मिलती। हर IAS अफसर की पेंशन उनके रिटायरमेंट के समय के पद, उनकी कुल सर्विस के साल और उनकी आखिरी बेसिक सैलरी के आधार पर अलग-अलग तय होती है। 

VRS पर पेंशन मिलती है या नहीं?

अगर किसी IAS अफसर ने कम से कम 20 साल की रेगुलर सर्विस पूरी कर ली है तो वह VRS लेने के बाद भी पूरी पेंशन का हकदार होता है। लेकिन अगर कोई अफसर 20 साल की नौकरी पूरी होने से पहले ही इस्तीफा दे देता है तो उसे पेंशन का लाभ नहीं मिलता। लेकिन एक आईएएस अफसर को 20 साल बाद में  VRS लेने पर भी पेंशन का फॉर्मूला  50 प्रतिशत यानि बसई सैलरी से कट रहता है ।

ये बड़ी सुविधाएं

मिली जानकारी के अनुसार, रिटायरमेंट के बाद सरकार सिर्फ नकद पेंशन ही नहीं देती, बल्कि पूर्व अफसरों के सम्मान और सुरक्षा का पूरा ख्याल रखती है। इन्हें ग्रेच्युटी (Gratuity) के रूप में एकमुश्त मोटी रकम मिलती है। 

जानकारी के मुताबिक, इसके अलावा, लाइफटाइम मुफ्त मेडिकल सुविधाएं (CGHS के तहत), लीव एनकैशमेंट (बची हुई छुट्टियों के बदले पैसा) और प्रोविडेंट फंड (PF) का पैसा भी मिलता है।

 कई सीनियर अफसरों को तो रिटायरमेंट के बाद सरकार अलग-अलग कमीशन या कमेटियों का हेड बनाकर दोबारा नियुक्त कर देती है, जहां उन्हें फिर से पूरी सैलरी और सुविधाएं मिलने लगती हैं।

Follow UdaipurTimes on Facebook , Instagram , and Google News