क्या आपको शुरू करना है डेयरी बिजनेस ! जाने किस नस्ल की गाय बना देगी आपको मालामाल ?
Udaipur Times, Dairy Business : मध्य प्रदेश के निमाड़ क्षेत्र और खंडवा जिले में डेयरी फार्मिंग किसानों के लिए आय का एक महत्वपूर्ण जरिया बनती जा रही है। ऐसे में देसी नस्ल की साहीवाल गाय किसानों के बीच लोकप्रिय हो रही है। इसे अच्छी दूध उत्पादन क्षमता, गर्म जलवायु में अनुकूलन और अपेक्षाकृत बेहतर रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए जाना जाता है।
मध्य प्रदेश के अलावा पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान समेत कई राज्यों में भी किसान इस नस्ल को डेयरी के लिए पालते हैं। साहीवाल गाय को छोटे और बड़े दोनों स्तर के डेयरी कारोबार के लिए उपयोगी माना जाता है। हालांकि, डेयरी व्यवसाय में वास्तविक मुनाफा दूध की बिक्री कीमत, पशु की उत्पादकता, चारे की लागत, पशु स्वास्थ्य और प्रबंधन जैसे कई कारकों पर निर्भर करता है।
गर्म मौसम में भी आसानी से ढल जाती है साहीवाल
साहीवाल गाय की खासियतों में भारतीय जलवायु के अनुरूप उसका अनुकूलन भी शामिल है। निमाड़ जैसे गर्म क्षेत्रों में यह नस्ल गर्म मौसम को सहन करने के लिए जानी जाती है। अच्छी देखभाल और पर्याप्त पानी मिलने पर यह विपरीत मौसम में भी अपनी उत्पादकता बनाए रख सकती है। यही वजह है कि गर्म जलवायु वाले क्षेत्रों में भी किसान इसे डेयरी फार्मिंग के लिए एक विकल्प के तौर पर देखते हैं। हालांकि, तापमान बहुत अधिक होने पर किसी भी पशु के लिए छायादार और हवादार स्थान, पर्याप्त पानी और उचित प्रबंधन जरूरी होता है।
दूध की गुणवत्ता भी मानी जाती है खास
स्थानीय किसान भावेश पटेल के अनुसार, साहीवाल गाय के दूध में अच्छी मात्रा में फैट पाया जाता है। अधिक फैट वाले दूध का इस्तेमाल घी, दही, पनीर और अन्य डेयरी उत्पादों में किया जाता है। इससे अच्छी गुणवत्ता वाले दूध की बाजार में मांग बनी रह सकती है। हालांकि, दूध की कीमत स्थानीय बाजार, फैट प्रतिशत, दूध की गुणवत्ता और खरीददार के आधार पर अलग-अलग हो सकती है। इसलिए डेयरी शुरू करने से पहले आसपास के बाजार में दूध की वास्तविक कीमत और बिक्री के विकल्पों की जानकारी लेना जरूरी है।
कितने लीटर दूध दे सकती है साहीवाल गाय?
साहीवाल गाय अपनी दूध उत्पादन क्षमता के लिए प्रसिद्ध देसी नस्लों में शामिल है। अच्छी नस्ल, स्वास्थ्य और उचित प्रबंधन वाली गाय से एक दुग्धकाल में करीब 2,000 से 3,000 लीटर या उससे अधिक दूध मिलने के आंकड़े बताए जाते हैं। दैनिक उत्पादन पशु की उम्र, आनुवंशिक क्षमता, ब्यांत की अवस्था, चारे और देखभाल के अनुसार काफी बदल सकता है। इसलिए किसी गाय को खरीदते समय केवल नस्ल का नाम देखकर उसके दूध उत्पादन का अनुमान नहीं लगाना चाहिए। वास्तविक दूध उत्पादन, पिछला रिकॉर्ड और पशु का स्वास्थ्य जांचना ज्यादा महत्वपूर्ण है।
छोटे किसान सीमित स्तर पर डेयरी व्यवसाय शुरू करने के लिए कुछ पशुओं से शुरुआत कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर चार साहीवाल गायों से छोटा डेयरी सेटअप बनाया जा सकता है। इससे शुरुआती निवेश को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है। लेकिन डेयरी की कमाई का हिसाब लगाते समय सिर्फ दूध से होने वाली आय नहीं देखनी चाहिए। चारा, पानी, पशु चिकित्सा, श्रम, शेड, बिजली और अन्य खर्चों को भी कुल लागत में शामिल करना जरूरी है। इसी के बाद वास्तविक मुनाफे का आकलन किया जा सकता है।
साहीवाल गाय की कीमत कितनी है?
साहीवाल गाय की कीमत उसकी उम्र, स्वास्थ्य, नस्ल की शुद्धता, दूध उत्पादन, गर्भावस्था और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर अलग-अलग हो सकती है। बाजार में इसकी कीमत करीब 60 हजार रुपये से 1.5 लाख रुपये या उससे अधिक बताई जाती है। अच्छी दूध देने वाली और स्वस्थ गाय की कीमत सामान्य पशु की तुलना में अधिक हो सकती है।
खरीदारी के समय किसान को पशु की शारीरिक स्थिति के साथ उसके दूध उत्पादन का वास्तविक रिकॉर्ड जरूर देखना चाहिए। साहीवाल गाय खरीदने से पहले केवल दिखावट या नस्ल के नाम पर भरोसा करना ठीक नहीं है। पशु की उम्र, स्वास्थ्य, टीकाकरण, पिछले ब्यांत का रिकॉर्ड और वर्तमान दूध उत्पादन की जानकारी लेना जरूरी है। साथ ही, संभव हो तो पशु चिकित्सक से स्वास्थ्य जांच करवाकर ही खरीदारी करनी चाहिए। इससे कमजोर या बीमार पशु खरीदने का जोखिम कम किया जा सकता है।
चारे और देखभाल का रखें खास ध्यान
डेयरी व्यवसाय में पशु की उत्पादकता बनाए रखने के लिए संतुलित आहार महत्वपूर्ण है। हरा चारा, सूखा चारा, आवश्यक खनिज और पर्याप्त साफ पानी नियमित रूप से उपलब्ध कराना चाहिए। इसके अलावा, साफ-सुथरा और हवादार पशु शेड, समय पर टीकाकरण और नियमित स्वास्थ्य जांच भी जरूरी है। अच्छी देखभाल से पशु का स्वास्थ्य बेहतर रखने और दूध उत्पादन को बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
डेयरी शुरू करने से पहले बनाएं पूरा हिसाब
साहीवाल गाय डेयरी व्यवसाय के लिए उपयोगी नस्ल हो सकती है, लेकिन केवल नस्ल के आधार पर ज्यादा मुनाफे की गारंटी नहीं दी जा सकती। डेयरी शुरू करने से पहले पशु खरीदने की लागत, शेड, चारा, पानी, चिकित्सा और श्रम का खर्च जोड़ना चाहिए। इसके साथ ही दूध कहां और किस कीमत पर बेचना है, इसकी व्यवस्था पहले से करना जरूरी है। सही पशु चयन, संतुलित आहार, नियमित देखभाल और बाजार की जानकारी के साथ साहीवाल गाय पालन किसानों के लिए आय का अच्छा माध्यम बन सकता है।