पानी की टंकी खरीदते समय न करें यह गलती, जानिए कौन-सा रंग आपके घर के लिए रहेगा सही
Udaipur Times, Color water tank : घर बनाते समय लोग सीमेंट, सरिया और पेंट पर तो खूब ध्यान देते हैं, लेकिन पानी की टंकी खरीदते समय अक्सर सिर्फ कीमत या रंग देखकर फैसला कर लेते हैं। जबकि टंकी का रंग, उसकी क्वालिटी, लेयर और UV प्रोटेक्शन पानी की गुणवत्ता और टैंक की उम्र पर बड़ा असर डालते हैं।
क्या टंकी का रंग सच में मायने रखता है?
विशेषज्ञों के मुताबिक, टंकी का रंग केवल दिखावे के लिए नहीं होता। इससे यह तय होता है कि धूप की गर्मी टंकी पर कितना असर डालेगी, पानी कितना गर्म होगा और टंकी के अंदर काई (Algae) बनने की संभावना कितनी रहेगी। अगर टंकी खुली छत पर रखी जाती है, तो रंग का महत्व और बढ़ जाता है।
काली (Black) टंकी के फायदे और नुकसान
काले रंग की टंकियों में आमतौर पर बेहतर UV स्टेबलाइजेशन होता है, जिससे प्लास्टिक लंबे समय तक सुरक्षित रहता है। यह सूरज की रोशनी को अंदर जाने से काफी हद तक रोकती है, जिससे काई बनने की संभावना कम हो सकती है। हालांकि, काला रंग ज्यादा गर्मी सोखता है, इसलिए तेज धूप में पानी अपेक्षाकृत गर्म हो सकता है।
सफेद (White) टंकी कब है बेहतर विकल्प?
सफेद रंग धूप को परावर्तित करता है, जिससे टंकी कम गर्म होती है और पानी का तापमान अपेक्षाकृत कम रहता है। लेकिन इस पर धूल और गंदगी जल्दी दिखाई देती है। यदि टंकी की गुणवत्ता अच्छी नहीं है, तो लंबे समय तक धूप में रहने पर उसका रंग भी बदल सकता है।
नीली (Blue) टंकी क्यों हो रही है लोकप्रिय?
नीले रंग की टंकियां देखने में आकर्षक होती हैं और इन पर धूल भी कम नजर आती है। लेकिन केवल नीला रंग होने से टंकी बेहतर नहीं हो जाती। उसकी मजबूती, प्लास्टिक की गुणवत्ता, UV प्रोटेक्शन और लेयर ही असली फर्क पैदा करते हैं।
रंग से ज्यादा जरूरी हैं ये बातें
पानी की टंकी खरीदते समय इन बातों का ध्यान जरूर रखें:
फूड-ग्रेड प्लास्टिक से बनी हो।
BIS/ISI मानकों का पालन करती हो।
अच्छी UV प्रोटेक्शन हो।
3, 4 या 5 लेयर वाली मल्टी-लेयर टंकी हो।
ढक्कन पूरी तरह बंद होने वाला हो ताकि धूल और कीड़े अंदर न जा सकें।
कितनी लेयर वाली टंकी खरीदनी चाहिए?
अगर आपके इलाके में तेज गर्मी पड़ती है और टंकी खुली छत पर रखी जाएगी, तो कम से कम 3-लेयर या उससे अधिक वाली अच्छी गुणवत्ता की टंकी खरीदना बेहतर माना जाता है। इससे बाहरी गर्मी का असर पानी पर कम पड़ता है।
टंकी की सफाई भी है जरूरी
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि पानी की टंकी की हर 6 महीने में कम से कम एक बार सफाई जरूर करानी चाहिए। इससे गंदगी, तलछट और बैक्टीरिया जमा होने का खतरा कम रहता है।
