डॉ. धीरज जोशी को बैंकॉक में योग श्रेश्ठ पत्र-वाचन पर सम्मानित

शिल्पाकॉर्न विश्वविद्यालय, बैंकॉक, थाईलैण्ड़ एवं ‘‘इन्टरनेशनल एसोसेशन ऑफ संस्कृत स्टड़ीज‘‘ संयुक्त तत्वाधान में बैंकॉक में आयोजित 16वें विश्वसंस्कृत सम्मेलन में योगाचार्य डॉ. धीरज प्रकाश जोशी, विभागाध्यक्ष,

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डॉ. धीरज जोशी को बैंकॉक में योग श्रेश्ठ पत्र-वाचन पर सम्मानित

शिल्पाकॉर्न विश्वविद्यालय, बैंकॉक, थाईलैण्ड़ एवं ‘‘इन्टरनेशनल एसोसेशन ऑफ संस्कृत स्टड़ीज‘‘ संयुक्त तत्वाधान में बैंकॉक में आयोजित 16वें विश्वसंस्कृत सम्मेलन में योगाचार्य डॉ. धीरज प्रकाश जोशी, विभागाध्यक्ष, संस्कृत विभाग एवं योग केन्द्र, जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय, उदयपुर ने ‘‘रामायण द्वारा विश्व व्याप्त आतंकवाद का उन्मुलन:समालोचनात्मक अध्ययन‘‘ विषय पर अपना शोध-पत्र प्रस्तुत किया।

बताया कि चीनी कहावत ‘‘एक को मारो और हजार को डराओं‘‘ की अवधारणा पर आधारित आतंकवाद का उन्मूलन श्रीराम द्वारा रावण के आतंकवाद उन्मुलनार्थ किये गये उपायों को समसामयिक रूप में पुनः अपनाने से सम्भव है।  उन्होंने अपने शोध-पत्र में आतंकवाद उन्मुलन के उपायों को विस्तार से समझाया, जिन्हें IASS, US, UNO को भेजने की बात कही।

योगाचार्य डॉ. जोशी ने सम्मेलन के प्रतिभागियों के लिए प्रातः काल में योग की कक्षा भी ली जिसमें आसन, प्राणायाम व ध्यान करवाया गया, जिसे सभी प्रतियोगियों ने सराहा व लाभ उठाया व श्रेष्ठ पत्र वाचन का सम्मान भी किया गया।

16वें विश्वसंस्कृत सम्मेलन में 60 देशों के लगभग 500 प्रतिभागियों ने भाग लिये ।

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