डॉ. प्रेक्षित बंसल ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में पेटेंट के अधिकार बताए
विद्याभवन पॉलीटेक्निक महाविद्यालय में चल रहे प्रशिक्षण के तीसरे दिन का पहला सेशन डॉ. प्रेक्षित बंसल ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से देशभर के हजारों शिक्षकों को बौद्धिक संपदा अधिकार और पेटेंट अधिकार के बारे में प्रशिक्षण दी। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने बताया कि जिन भी लोगों के मन में एक परिवर्तनात्मकता और रचनात्मकता होती है उसे कैसे बहार निकाला जाए एंव बताया की या तो उसे एक उत्पाद बनाया जाए या उसकी प्रक्रिया की जाए।
विद्याभवन पॉलीटेक्निक महाविद्यालय में चल रहे प्रशिक्षण के तीसरे दिन का पहला सेशन डॉ. प्रेक्षित बंसल ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से देशभर के हजारों शिक्षकों को बौद्धिक संपदा अधिकार और पेटेंट अधिकार के बारे में प्रशिक्षण दी। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने बताया कि जिन भी लोगों के मन में एक परिवर्तनात्मकता और रचनात्मकता होती है उसे कैसे बहार निकाला जाए एंव बताया की या तो उसे एक उत्पाद बनाया जाए या उसकी प्रक्रिया की जाए।
उन्होंने पेटेंट अधिकार के बारे में भी विचार व्यक्त करते हुए कहा की किसी भी उत्पाद का पेटेंट पंजीकरण करवाने की 1000 रूपये का शुल्क होता है। एक बार किसी भी उत्पाद का अगर पंजीकरण करवा दिया तो उसमें रॉयल्टी आना शुरू हो जाती है, यह व्यापारियों से लेकर महिलाएं भी इसका फायेदा उठा सकती हैं। इसके भारत में कुल 4 कार्यालय है।
कार्यक्रम का दूसरा सेशन चंडीगढ़ के प्रोफेसर जे.एस सैनी ने इंजीनियरिंग संस्थान समुदाहिक विकास की भूमिका पर चर्चा करते हुए बताया कि, इंजीनियरिंग संस्थान जो ग्राम क्षेत्र में किस तरह का इंफ्रास्ट्रक्चर होना चाहिए और किस तरह की तकनिक होनी चाहिए।
तीसरा सेशन भी प्रोफेसर जे.एस सैनी ने ही लिया जिसमें उन्होंने शारीरिक रूप से विकलांग लोगों को किस तरह से शिक्षा और अन्य प्रकार की सुविधाएँ उपलब्ध करानी चाहिए, इन सब के बारे में उन्होंने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी शिक्षकों को बताया।
