खेतों में काम करते हुए बना DSP, जाने सफलता की पूरी कहानी
Udaipur Times, Success Story: जिन्दगी में हर कोई एक मुकाम हासिल करना चाहता है। लेकिन सफलता सिर्फ उसे ही मिलती है जो दिन -रात मेहनत करता है। आज ऐसी ही एक कहानी बताने जा रहें हैं DSP सोनू के बारे में, जिन्होंने कड़ी मेहनत और लगन से सफलता हासिल की है और DSP बन गये।
सोनू ने गरीबी और संघर्ष को देखते हुए परिवार के साथ खेतों में काम किया। साथ ही साथ हमेशा सोचते थे कि उनके पास वो चीजें क्यों नहीं हैं, जो और लोगों के पास हैं। बस यहीं से उन्होंने अपनी किस्मत बदलने का फैसला कर लिया। एक हाथ में दराती लेकर खेत में काम भी किया और दूसरे हाथ में पढ़ाई के लिए किताबें भी उठाईं। गरीबी और कठिन परिस्थितियों में कुछ बड़ा करने का सपना लेकर आगे बढ़े और MPPSC परीक्षा में सफलता हासिल की। आज वह DSP हैं।

खेती-किसानी के बीच देखे बड़े सपने
सोनू कुर्मी मध्य प्रदेश के सागर जिले के एक गांव में साधारण किसान परिवार से आते हैं। उन्होंने बताया कि ग्रामीण परिवेश में पले बढ़े। जीवन यापन के लिए खेतों पर निर्भर रहना पड़ता था। बचपन से ही उन्होंने कठिन परिश्रम और संघर्ष को करीब से देखा।
खेतों में काम करते थे सोनू
वह बताते हैं कि उनका परिवार खेतों में काम करता था और वह भी अपने परिवार के साथ खेती-किसानी करने लगे। जब वह खेतों में काम के लिए जाते थे तो पहले नहीं सोचते थे कि वह कभी प्रशासनिक अफसर बनेंगे क्योंकि उनके ऐसा आसपास माहौल नहीं था। लेकिन उन्हें आगे कुछ करना था और यही वजह थी उन्होंने किताबों को साथी बनाया।

शुरुआत में मिली असफलताएं
सोनू ने बताया की अपने करियर की शुरुआत में कई असफलताओं का सामना करना पड़ा। पहला जॉब इंटरव्यू असफल होने के बाद वे मानसिक रूप से टूट गए और निराशा के दौर से गुजरे। लेकिन इस कठिन समय में परिवार का सहयोग उनके लिए सहारा बना। धीरे-धीरे उन्होंने खुद को संभाला और जीवन में आगे बढ़ने का निर्णय लिया।
असफलताओं के बाद सोनू ने हरीसिंह विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन किया। इसी दौरान MPPSC परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। खेतों में काम करते हुए भी वे किताबों को साथ रखते थे और हर खाली समय में पढ़ाई करते थे।
पहले प्रयास में वह असफल हो गए थे लेकिन लगातार मेहनत और संघर्ष के बाद सोनू कुर्मी ने MPPSC 2015 परीक्षा में 18वीं रैंक हासिल की और DSP बने।
