प्रत्येक ग्राम पंचायत मुख्यालय पर होगा एक आदर्श स्कूल – कृषि मंत्री
कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी ने कहा है कि सरकार अब प्रत्येक ग्राम पंचायत मुख्यालय पर एक आदर्श स्कूल बनाएगी। सैनी ने कहा कि अब समय आ गया है कि हम शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करें।
कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी ने कहा है कि सरकार अब प्रत्येक ग्राम पंचायत मुख्यालय पर एक आदर्श स्कूल बनाएगी। सैनी ने कहा कि अब समय आ गया है कि हम शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करें।
सैनी रविवार को जिले की गिर्वा तहसील केे लालपुरा गांव में ज्योतिबा फूले वात्सलय अकादमी के शिलान्यास समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अभी आठवीं तक फेल न करने की व्यवस्था ने पूरी शिक्षा व्यवस्था को चौपट कर दिया है। इसलिए सरकार शिक्षा के अधिकार में संशोधन के लिए भारत सरकार को प्रस्ताव भिजवाएगी। उन्होंने कहा कि सर्वशिक्षा अभियान की समीक्षा की जरूरत है, क्योंकि अभी इस अभियान के पैसे का उपयोग भवन निर्माण और मिडडे मील में ही हो रहा है।
शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए सैनी ने कहा कि शिक्षा के बिना मनुष्य का जीवन अधूरा है। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय से अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा बच्चों को शिक्षित करने के साथ दीक्षित करने की भी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हम अपने बच्चों को जितनी अच्छी शिक्षा देने की चिंता करते हैं, उतनी ही चिंता हमें उन्हें अच्छा नागरिक बनाने की भी करनी चाहिए।
इस दौरान उनके साथ वल्लभनगर विधायक रणीधीर सिंह भिण्डर, मालपुरा विधायक कन्हैया लाल सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।
कृषि मंत्री ने बैठक कर की विभिन्न विभागों की समीक्षा
कृषि मंत्री ने रविवार को किसान भवन में कृषि, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, डेयरी एवं कृषि विपणन के अधिकारियों के साथ बैठक कर इन विभागों की योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा की।
सैनी ने कृषि अधिकारियों को निर्देष दिए कि वे फसलों के गुणवत्ता सुधार ध्यान दें। उन्होंने कहा कि हमें इजराइल से सीखना चाहिए, जहॉ पानी, कम लागत में अच्छी गुणवत्ता की फसलें उत्पादित की जाती है। कृषि मंत्री ने कृषि, पशुपालन और डेयरी में नई तकनीक अपनाने की आवश्यकता जताई।
सैनी ने अधिकारियों को उदयपुर में टिष्यू कल्चर लैब की संभावनाएं तलाशने के निर्देष दिए। उन्होंने कहा कि अभी हम अनार के पौधे महाराष्ट्र से मंगवाते हैं, क्यों न ये पौधे हमारे यहां ही तैयार करवाए जाएं। कृषि मंत्री ने उदयपुर संभाग में औषधीय पौधों और जैविक खेती को प्रोत्साहित करने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि जहां उत्पादन वहां विपणन के सिद्धांत को अपनाते हुए उदयपुर में लघु वन उपजों की मंडी खोली जा रही है।
कृषि मंत्री ने अधिकारियों को प्रतापगढ़ और चित्तौड़गढ़ जिले में सोयाबीन की फसल में गर्डल बीटल एवं तम्बाकू इल्ली के प्रकोप को नियंत्रित करने के लिए किसानों को अनुदान पर कीटनाषी उपलब्ध कराने के निर्देष दिए। उन्होंने बूंद-बूंद सिंचाई संयंत्र, फव्वारा संयत्र और सोलर पंप सैटों को स्थापित करने के बाद उनकी मरम्मत और उनके संधारण के लिए सम्बंधित कम्पनियों का उत्तरदायित्व तय करने की बात भी कही।
उन्होंने इस संभाग में ग्रीन हाउस, पॉली हाउस, नेट हाउस को किसानों में लोकप्रिय बनाने के लिए पंचायत समिति स्तर पर प्रशिक्षिण शिविर आयोजित करने के निर्देष दिए। सैनी ने फल सवंर्ग में सीताफल, अनार व किन्नू और मसाला संवर्ग में अजवाइन को राष्ट्रीय बागवानी मिशन में जुड़वाने के लिए अधिकारियों को प्रस्ताव बनाने के निर्देष दिए।
कृषि मंत्री ने दो मृतक आश्रितों को कृषक साथी योजना के तहत एक-एक लाख रूपए के चैक भी भेंट किए। सैनी ने बीज और उर्वरकों की उपलब्धता के बारे में भी जानकारी ली। इस बैठक में कृषि आयुक्त कुलदीप रांका, उद्यान विभाग के निदेषक धमेन्द्र भटनागर, आरसीडीएफ के एमडी प्रीतम सिंह, पषुपालन विभाग के निदेषक डॉ. राजेष मान, कृषि विपणन विभाग के निदेषक दिनेष यादव सहित इन विभागों के अनेक उच्चाधिकारी उपस्थित थे।