बांस के धागे से करोड़ों की कमाई, 3 दोस्तों ने देश ही नहीं विदेशों में खोल दिए अपने स्टोर

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बांस के धागे से करोड़ों की कमाई, 3 दोस्तों ने देश ही नहीं विदेशों में खोल दिए अपने स्टोर 

Udaipur Times, Success Story : जिनके इरादे मजबूत होते है उन्हे दुनिया की कोई दीवार नहीं रोक सकती है। आज हम आपके लिए ऐसे ही 3 दोस्तों की कहानी लेकर आए है जिनकी मेहनत देश ही विदेशों तक जानी जाती है। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के कैम्पियरगंज क्षेत्र से निकलकर देश के स्टार्टअप जगत में अपनी पहचान बनाने वाले Swapnil Srivastav आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। उन्होंने अपने साथियों मोहम्मद हुसैन और अमन कुमार महतो के साथ मिलकर बच्चों के लिए बांस के रेशों (Bamboo Fiber) से बने इको-फ्रेंडली कपड़ों का ब्रांड स्थापित किया, जो आज भारत के तेजी से बढ़ते सस्टेनेबल किड्सवियर ब्रांड्स में गिना जाता है। 

साधारण परिवार से असाधारण सफर

स्वप्निल का जन्म गोरखपुर के एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ। उनके पिता सरकारी डॉक्टर हैं जबकि माता गृहिणी हैं। बचपन संयुक्त परिवार में बीता, जहां परिवार के संस्कारों के साथ मेहनत और अनुशासन का महत्व सीखा। बाद में उन्होंने अपनी पढ़ाई नैनिताल और फिर Sharda University से पूरी की। कॉलेज के दिनों से ही उनमें उद्यमिता का जुनून था। Success Story

कॉलेज में पढ़ाई के दौरान ही स्वप्निल और उनके दोस्तों ने कई छोटे-छोटे व्यवसाय शुरू किए। वे कॉलेज फेस्ट और कार्यक्रमों के लिए कस्टमाइज्ड टी-शर्ट, मग और मर्चेंडाइज बनाकर बेचते थे। इस काम से उन्होंने लगभग 10 से 15 लाख रुपये की पूंजी जुटाई, जिसने आगे के स्टार्टअप सफर की नींव रखी। Success Story

पहला स्टार्टअप और पहली असफलता

2019 में स्वप्निल और उनकी टीम ने महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए "स्मार्ट शर्ट" विकसित की। इस शर्ट में NFC तकनीक आधारित चिप लगाई गई थी, जिससे महिला अपनी लोकेशन साझा कर सकती थी। उन्होंने इसके लिए SmartzWear नामक कंपनी भी बनाई। Success Story

उत्पाद तकनीकी रूप से अच्छा था, लेकिन बाजार इसके लिए तैयार नहीं था। निवेशकों और ग्राहकों से अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिली। लगभग 50 निवेशकों ने उत्पाद को समय से पहले का विचार बताया। कंपनी को सीमित बिक्री मिली और अंततः यह प्रोजेक्ट सफल नहीं हो पाया। 

यहीं से स्वप्निल ने सीखा कि केवल अच्छा उत्पाद बनाना पर्याप्त नहीं है, बाजार की जरूरत को समझना भी उतना ही जरूरी है। Success Story

मिला बड़ा अवसर

2020-21 के दौरान जब दुनिया कोविड महामारी से जूझ रही थी, तब स्वप्निल और उनकी टीम ने बच्चों के कपड़ों के बाजार का अध्ययन किया। उन्हें पता चला कि अधिकांश बच्चों के कपड़े सिंथेटिक या केमिकल युक्त फैब्रिक से बनते हैं, जिससे बच्चों की त्वचा पर रैशेज और एलर्जी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

इसी समस्या का समाधान खोजते हुए उन्होंने बांस के रेशों से बने मुलायम, एंटी-बैक्टीरियल और पर्यावरण अनुकूल कपड़ों का विचार विकसित किया। इसी सोच से 2021 में Kidbea की शुरुआत हुई। Success Story

 Kidbea की कहानी

Kidbea ने बच्चों के लिए बांस आधारित कपड़े, रोम्पर, बॉडीसूट, क्लॉथ डायपर, सॉफ्ट टॉय और अन्य उत्पाद लॉन्च किए। इन उत्पादों की सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि वे त्वचा के लिए सुरक्षित, मुलायम और पर्यावरण के अनुकूल थे। 

शुरुआत में कंपनी ने केवल 15-17 डिजाइन लॉन्च किए, लेकिन ग्राहकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने लगी। जल्द ही ब्रांड Amazon, FirstCry, Myntra और अन्य प्रमुख प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध हो गया। Success Story

कुछ ही वर्षों में Kidbea ने भारत के अलावा UAE, Bahrain और Australia जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। कंपनी 30 से अधिक प्रीमियम बच्चों के अस्पतालों और स्टोर्स में उपलब्ध हो गई। 

निवेशकों का भरोसा

जनवरी 2024 में Kidbea ने प्री-सीरीज A फंडिंग में 1 मिलियन डॉलर (लगभग 8 करोड़ रुपये) जुटाए। इस राउंड का नेतृत्व Venture Catalysts ने किया। कंपनी को कई एंजेल निवेशकों और वेंचर फंड्स का समर्थन मिला। 
इसके बाद 2026 में Kidbea ने लगभग 30 करोड़ रुपये की Series A फंडिंग हासिल की। इस निवेश का उपयोग कंपनी के विस्तार, नए उत्पादों और ऑफलाइन स्टोर्स खोलने के लिए किया जा रहा है। Success Story

संघर्ष से सफलता तक

स्वप्निल की यात्रा आसान नहीं रही। पहला स्टार्टअप असफल हुआ, निवेशकों ने कई बार मना किया, पूंजी की कमी रही और बाजार में बड़ी कंपनियों से प्रतिस्पर्धा भी करनी पड़ी।

लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। लगातार ग्राहकों से फीडबैक लिया, उत्पादों में सुधार किया और एक ऐसे क्षेत्र पर फोकस किया जहां प्रतिस्पर्धा कम थी। यही रणनीति उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी। Success Story

आज Kidbea को भारत के अग्रणी सस्टेनेबल किड्सवियर ब्रांड्स में गिना जाता है। कंपनी ने कुछ वर्षों में कई गुना राजस्व वृद्धि दर्ज की है और तेजी से विस्तार कर रही है। 

 स्वप्निल श्रीवास्तव की नेटवर्थ

स्वप्निल श्रीवास्तव की व्यक्तिगत नेटवर्थ सार्वजनिक रूप से घोषित नहीं की गई है। इसलिए कोई सटीक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।

हालांकि उपलब्ध निवेश और कंपनी वैल्युएशन के आधार पर स्टार्टअप विश्लेषकों का अनुमान है कि Kidbea की वैल्युएशन कई सौ करोड़ रुपये के स्तर तक पहुंच चुकी है। कंपनी ने 2025-26 में 40 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व और तेजी से बढ़ती बिक्री दर्ज की है। Success Story
 
कंपनी में स्वप्निल की हिस्सेदारी को देखते हुए उनकी अनुमानित व्यक्तिगत नेटवर्थ कई करोड़ रुपये मानी जाती है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

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