400 एकड़ जमीन पर यहां बनेगा ईको टूरिज्म हब, वर्ल्ड क्लास सुविधाओं के साथ युवाओं को मिलेगा रोजगार
Udaipur Times, New Delhi, पठानकोट : घूमने फिरने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। सरकार रंजीत सागर बांध और शाहपुर कंडी बांध परियोजना के आसपास की 400 एकड़ से अधिक जमीन पर वर्ल्ड क्लास टूरिज्म हब बनाने की तैयारी में है। जानकारी के मुताबिक पंजाब कैबिनेट में 'रणजीतगढ़ डेवलपमेंट अथॉरिटी (आरडीए) बिल 2026' को मंजूरी मिल गई है। रणजीतगढ़ प्रोजेक्ट से पंजाब के पर्यटन को नई पहचान मिलेगी, जबकि युवाओं के लिए रोजगार के द्वार खुलेंगे।
मिली जानकारी के अनुसार मंजूरी मिलने के बाद पर्यटन प्रबंधकीय सेक्रेटरी ने नोटिफिकेशन जारी किया है। अथॉरिटी का गठन डेस्टिनेशन मैनेजमेंट ऑर्गेनाइजेशन के तौर पर किया जाएगा, जिसे विधिक मान्यता मिलेगी। केंद्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रांट और पीपीपी मॉडल के जरिए 7 प्रमुख स्थलों पर 5-स्टार होटल, रिजॉर्ट, ईको हट्स और वाटर स्पोट्स गतिविधियां विकसित होंगी।
पर्यटन को लगेंगे पंख : स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
वन स्टेट-वन ग्लोबल डेस्टिनेशन : 7 कॉलोनियों की जमीन पर विकसित होगा पर्यटन क्षेत्र, वन विभाग से एनओसी मिली।
क्रूज के साथ दिखेंगी डॉल्फिन...
रणजीत सागर बांध :झील में गंगा नदी से डॉल्फिन लाने का प्रस्ताव। क्रूज सफारी शुरू की जाएगी।
जुगियाल कॉलोनी :100 एकड़ जमीन में ओल्डेज होम (वृद्धाश्रम) का निर्माण होगा।
रवी सदन :6 एकड़ में इंटरप्रिटेशन सेंटर और टूरिस्ट हट्स बनेंगे। सलाड़ी खड्ड में 14 एकड़ भूमि में ईको हट्स और वोटिंग की सुविधा।
थड़ा-उपरला कॉलोनी :109 एकड़ में झील किनारे 500 कमरों वाला 5-स्टार होटल तैयार होगा। कुलारा टापू पर 18 एकड़ में लग्जरी रिजॉर्ट्स तैयार होंगे।
कनेक्टिविटी :रणजीतगढ़ प्रोजेक्ट सड़क मार्ग के जरिए सीधे माधोपूर में जालंधर-जम्मू हाईवे से जुड़ेगा।
केंद्र मुहैया कराएगा इंफ्रास्ट्रक्चर फंड
टूरिज्म विभाग के डायरेक्टर डॉ. संजीव तिवारी ने कहा, देश के 50 राज्यों में टूरिस्ट स्थल बनाने के लिए केंद्र इंफ्रास्ट्रक्चर फंड मुहैया कराएगा और फिर पीपीपी मोड पर होटल-रिजॉर्ट ग्रुपों को दिया जाएगा।