एसएमएस दुरुपयोग को रोकने के संबंध में निर्वाचन आयोग के निर्देश जारी
आगामी विधानसभा चुनाव 2013 को देखते हुए निर्वाचन आयोग के संक्षिप्त संदेश सेवाओं (एसएमएस) के दुरुपयोग को रोकने के लिए निर्देश जारी किये हैं। निर्वाचन में कुछ स्वार्थी व असामाजिक तत्व निर्वाचन विधि के प्रावधानों, आदर्श आचार संहिता और इस संबंध में जारी आयोग के निर्देशों/अनुदेशों का उल्लंघन करते हैं व कुछ आपत्तिजनक संदेशों को संक्षिप्त संदेश सेवा के माध्यम से प्रचारित करते हैं। इन क्रियाओं द्वारा स्वतंत्र,निष्पक्ष और शांतिपूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया के लिए वातावरण दूषित हो सकता है।
आगामी विधानसभा चुनाव 2013 को देखते हुए निर्वाचन आयोग के संक्षिप्त संदेश सेवाओं (एसएमएस) के दुरुपयोग को रोकने के लिए निर्देश जारी किये हैं। निर्वाचन में कुछ स्वार्थी व असामाजिक तत्व निर्वाचन विधि के प्रावधानों, आदर्श आचार संहिता और इस संबंध में जारी आयोग के निर्देशों/अनुदेशों का उल्लंघन करते हैं व कुछ आपत्तिजनक संदेशों को संक्षिप्त संदेश सेवा के माध्यम से प्रचारित करते हैं। इन क्रियाओं द्वारा स्वतंत्र,निष्पक्ष और शांतिपूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया के लिए वातावरण दूषित हो सकता है।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि निर्वाचन आयोग ने इसे रोकने के लिए कुछ निर्देश जारी किये हैं जिसके तहत आपत्तिजनक एसएमएस को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन को विशेष मोबाइल नम्बरों को विज्ञापित करना चाहिये जिन पर एस एम एस प्राप्तकर्ता उक्त आपत्तिजनक एसएमएस भेजने वाले नम्बर के साथ अग्रेषित कर सकते हैं। पुलिस प्रशासन सर्वप्रथम उचित जॉच करें और ऐसे एसएमएस के असली भेजने वाले का पता लगायें। उन पर भारतीय दण्ड संहिता के संगत प्रावधानों, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम,1951, निर्वाचनों का संचालन नियम,1961, आयोग द्वारा जारी किये गये निर्देशों व अनुदेशों के अधीन व इस मामले में लागू होने वाले अन्य कानून के तहत उचित कार्यवाही की जाये।
प्रचार अवधि के दौरान वैकल्पिक निर्वाचन के प्रचार के लिए थोक में भेजे गये एसएमएस जब रिटर्निंग अधिकारी तथा जिला निर्वाचन अधिकारी के नोटिस में आएं तो उन्हें इस बात को मुख्य निर्वाचन अधिकारी को तुरन्त रिपोर्ट करना होगा तथा वे सेवा प्रदाता से इस पर हुए व्यय का अनुमान लगायेंगे एवं जैसा भी मामला हो इसे अभ्यर्थी/अभ्यर्थियों के संबंधित खाते में जोडेंगे।
मतदान सम्पन्न होने के लिए निश्चित किये गये समय की समाप्ति से 48 घण्टे पहले की अवधि के दौरान राजनैतिक प्रकृति के थोक में एसएमएस भेजने पर प्रतिबंध होगा।
राज्य में मोबाइल सेवा प्रदाता सभी संबंधित व्यक्ति व कम्पनियों को इस विषय में पूरी तरह से निर्वाचन आयोग के निर्देशों की पालना करना होगी।
