हरियाणा में हटाए जाएंगे बिजली के खंभे ! मुख्यमंत्री सैनी ने दिए ये सख्त निर्देश
Udaipur Times, Haryana News, चण्डीगढ़ : हरियाणा में सड़कों के किनारे लंबे समय से खड़े अनुपयोगी बिजली खंभों को हटाने की कार्रवाई तेज कर दी गई है। मुख्यमंत्री के निर्देशों तथा बिजली वितरण निगमों के मार्गदर्शन में उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) द्वारा इस दिशा में अभियान चलाया जा रहा है। दोनों निगमों में कुल 6,443 अनुपयोगी बिजली खंभों की पहचान की गई थी, जिनमें से अब तक 4,222 खंभे हटाए जा चुके हैं। शेष 2,221 खंभों को हटाने का कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
बिजली निगमों के प्रबंध निदेशक श्री विक्रम सिंह ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि दोनों निगमों द्वारा की गई कार्यवाही के अनुसार, डीएचबीवीएन में चिह्नित 2,792 खंभों में से 889 हटाए जा चुके हैं, जबकि 1,903 खंभे हटाए जाने शेष हैं। इसी प्रकार, यूएचबीवीएन में चिह्नित 3,651 खंभों में से 3,333 हटाए जा चुके हैं और अब केवल 318 खंभे हटाने बाकी हैं।
उन्होेंने बताया कि यूएचबीवीएन की रिपोर्ट के अनुसार, झज्जर में 35, पानीपत में 22, सोनीपत में 25 और कैथल में 57 अनुपयोगी खंभे हटाए जाने शेष हैं। अंबाला, पंचकूला, यमुनानगर, करनाल और कुरुक्षेत्र सर्कलों में खंभे हटाने का कार्य पूरा कर लिया गया है। रोहतक सर्कल में 33 केवी लाइन के 112 खंभे खडे हैं, जिनका भविष्य में औद्योगिक क्षेत्र में उपयोग किए जाने की संभावना है। इसीप्रकार, करनाल में 33 केवी लाइन के आठ खंभों का एलटी लाइन के कार्य में उपयोग किए जाने की जानकारी दी गई है।
डीएचबीवीएन की सर्कलवार रिपोर्ट के अनुसार, रेवाड़ी सर्कल में 11 केवी लाइन के 795 और 33 केवी लाइन के 336 खंभे हटाए जाने शेष हैं। भिवानी सर्कल में 11 केवी लाइन के 24 और 33 केवी लाइन के 118 खंभे शेष हैं। इसी प्रकार, नारनौल में 11 केवी लाइन के 39 और 33 केवी लाइन के 208 खंभे, जबकि फतेहाबाद में 11 केवी लाइन के 194 और 33 केवी लाइन के 107 खंभे हटाए जाने बाकि हैं। गुरुग्राम-1 में 11 केवी लाइन के सात और जींद में पांच खंभे हटाने शेष हैं। फरीदाबाद, पलवल, गुरुग्राम-2 और सिरसा सर्कलों में यह कार्य पूरा हो चुका है।
31 दिसंबर,2026 तक कार्य पूरा करने के निर्देश
गत दिनों मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई बैठक में सड़कों के किनारे खड़े ऐसे बिजली खंभों को हटाने के निर्देश दिए गए थे, जो अब किसी परिचालन उद्देश्य की पूर्ति नहीं कर रहे हैं। संबंधित बिजली वितरण निगमों को ऐसे खंभों की जिलेवार पहचान कर उन्हें हटाने तथा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार निगम के स्टोर में जमा करवाने के निर्देश दिए गए थे।
प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे लंबित कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें और निर्धारित समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करें। इस अभियान का उद्देश्य बिजली वितरण नेटवर्क को सुव्यवस्थित करना, सड़कों के किनारे अनावश्यक ढांचे को हटाना तथा सार्वजनिक स्थानों को अधिक सुरक्षित बनाना है।