हरियाणा में बिजली उपभोक्ताओं को लगेगा बड़ा झटका, नियमों में हुआ ये नया बदलाव
Udaipur Times, Haryana News, चंडीगढ़ : हरियाणा से बड़ी खबर सामने आ रही है। हरियाणा में निर्धारित लोड से 10 प्रतिशत से अधिक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को झटका लगेगा, क्योंकि लोड 10 प्रतिशत से अधिक बढ़ने के बाद सरचार्ज देना पड़ेगा। इसके लिए हरियाणा इलेक्ट्रीसिटी रेगुलेटरी कमीशन नियमों में संशोधन कर दिया है। यदि किसी उपभोक्ता की अधिकतम बिजली मांग स्वीकृत कांट्रेक्ट डिमांड से 10 प्रतिशत तक अधिक रहती है तो उस पर कोई सरचार्ज नहीं लगेगा।
10 से 15 प्रतिशत तक अधिक मांग होने पर 20 प्रतिशत और 15 प्रतिशत से अधिक होने पर 25 प्रतिशत सरचार्ज लगाया जाएगा। नए नियमों से उपभोक्ताओं के बिल बढ़ने तय है, क्योंकि खासकर गर्मी के मौसम में लोड बढ़ता है। ऐसे में बिलों में बढ़ोतरी हो सकती है। राज्य में 84 लाख से ज्यादा उपभोक्ता है। अभी सरचार्ज जैसी कोई व्यवस्था नहीं थी।
पुराना लोड करा सकेंगे बहाल
उपभोक्ता 3 साल के भीतर बिना सर्विस कनेक्शन चार्ज के पुराना स्वीकृत लोड बहाल करवा सकेंगे। इसे नया लोड माना जाएगा। वोल्टेज लेवल न बदलने पर घटाए लोड के अनुसार 20 हजार रु. तक प्रोसेसिंग फीस देनी होगी। एलटी मीटरिंग चुनने पर घटे हुए लोड का सर्विस कनेक्शन चार्ज लगेगा, जबकि 11 केवी पर रहने पर प्रोसेसिंग फीस देय होगी। अतिरिक्त लोड पर ही सर्विस कनेक्शन चार्ज लगेगा।
ये हैं प्रमुख शर्तें
3 साल में केवल एक बार लोड घटाने और बहाल करने की छूट।
किसी भी बदलाव के बाद 6 महीने तक दोबारा बदलाव नहीं होगा।
बकाएदार, बिजली चोरी या कोर्ट केस वाले उपभोक्ता पात्र नहीं होंगे।
लोड बहाली डिस्काॅम की तकनीकी जांच व क्षमता पर निर्भर करेगी।
क्या है सरचार्ज: स्वीकृत कांट्रेक्ट डिमांड से अधिक बिजली की खपत करता है तो उस पर अतिरिक्त शुल्क लगता है।
