ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगारी प्रशिक्षणों के लिए प्रोत्साहित करें-जिला कलक्टर
जिला कलक्टर आशुतोष एण्टीण्पेडणेकर ने जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत बेरोजगार एवं जरूरतमंद युवाओं को अधिकाधिक स्वरोजगार प्रशिक्षण प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाने की जरूरत बतायी।

जिला कलक्टर आशुतोष एण्टीण्पेडणेकर ने जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत बेरोजगार एवं जरूरतमंद युवाओं को अधिकाधिक स्वरोजगार प्रशिक्षण प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाने की जरूरत बतायी।
वे कलेक्ट्रेट सभागार में गुरुवार को आयोजित आईसीआईसीआई ग्रामीण स्वरोजगार संस्थान की जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में कलक्टर ने आरसेटी की वार्षिक योजना का अनुमोदन भी किया। उन्होंने कहा कि संस्थान गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण से देश के श्रेष्ठ संस्थानों में शुमार है ऐसे में जनजाति अंचल के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में संस्थान को और बेहतर कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी के लिए उन्हें बीएलबीसी की बैठकों एवं अन्य कार्यक्रमों में सफलता की कहानियों आधारित लघु फिल्में दिखाई जाकर युवा वर्ग को प्रोत्साहित करने की जरूरत है जिससे प्रतिभाओं का पलायन रूक सके।
उन्होंने आरसेटी परिसर में संचालित उदयपुर सेवा केन्द्र का अधिकाधिक प्रचार.प्रसार कर रोजगारों को इसका लाभ दिलाने की जरूरत बतायी। कलक्टर ने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त अभ्यर्थियों को स्वरोजगार ऋण के आवेदन करने पर बैंको द्वारा प्राथमिकता से ऋण स्वीकृत किये जा रहे है। उन्होंने लीड बैंक अधिकारी से भी ऐसे आवेदनों पर त्वरित ध्यान देने को कहा।
उन्होंने आरसेटी के माध्यम से फोटोग्राफी तकनीकए फिल्म मेकिंग एडिटिंग जैसे नवीनतम कोर्सेज शामिल करने की जरूरत बतायी और कहा कि हाल ही आयोजित होने जा रहे राष्ट्रीय बाल फिल्मोत्सव में फिल्म निर्माण कार्यशालाओं का लाभ उठाते हुए उन विधाओं को कोर्स में शामिल करने के प्रयास करें।
बैठक में जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबंधक विपुल जानी, आईसीआईसीआई बैंक के रीजनल हैड प्रवीण शर्मा, लीड बैंक ऑफिसर बीण्लण्मीणा, आरसेटी के निदेशक संजय चौधरीए आरजीएवीपी के जिला प्रबंधक आरण्केण्अग्रवाल आदि ने भी उपयोगी सुझाव रखे।
आरसेटी के राहुल शर्मा ने पॉवर प्वाइंट प्रजेंटेशन में बताया कि बीते वर्ष 130 प्रशिक्षणों में 3525 युवाओं को लाभान्वित किया गया। उन्होंने वर्ष 2015.16 के कार्यक्रमों की रूपरेखा प्रस्तुत की। आभार आरण्केण्बोलिया ने जताया। आरसेटी प्राची अभयंकर ने प्रशिक्षण सफलता आधारित लघु फिल्म भी प्रस्तुत की जिसे सभी ने सराहा।
