स्थानीय परिवेष के अनुरूप हो इंजीनियरिंग शिक्षा: प्रो.अरूण चतुर्वेदी
राष्ट्रीय सकल उत्पादकता में वृद्धि व समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए पिछडे, आदिवासी व जनजाति वर्ग को सही मायनों में तकनीकी शिक्षा देनी होगी। इसके लिए आदिवासी व जनजाति युवाओं की शैक्षिक, सामाजिक व आर्थिक पृष्ठभूमि को समझना बहुत जरूरी है। इंजीनियरिंग के शिक्षकों को स्थानीय परिवेश के अनुरूप अर्जित व नवीन ज्ञान को निरन्तर सिखते हुए इसे विधार्थियों तक पहुंचाने में सक्षम बनना होगा। यह विचार शिक्षाविद व सामाजिक-राजनीतिक चिन्तक प्रो.अरूण चतुर्वेदी ने विधाभवन पोलिटेक्निक सभागार में व्यक्त किए।
राष्ट्रीय सकल उत्पादकता में वृद्धि व समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए पिछडे, आदिवासी व जनजाति वर्ग को सही मायनों में तकनीकी शिक्षा देनी होगी। इसके लिए आदिवासी व जनजाति युवाओं की शैक्षिक, सामाजिक व आर्थिक पृष्ठभूमि को समझना बहुत जरूरी है। इंजीनियरिंग के शिक्षकों को स्थानीय परिवेश के अनुरूप अर्जित व नवीन ज्ञान को निरन्तर सिखते हुए इसे विधार्थियों तक पहुंचाने में सक्षम बनना होगा। यह विचार शिक्षाविद व सामाजिक-राजनीतिक चिन्तक प्रो.अरूण चतुर्वेदी ने विधाभवन पोलिटेक्निक सभागार में व्यक्त किए।
चतुर्वेदी तकनीकी शिक्षा निदेशालय तथा राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण व अनुसंधान संस्थान (नाइटर), चंडीगढ़ द्वारा विधाभवन में आयोजित अभिमुखीकण (इन्डक्शन) कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।
कार्यक्रम में सीटीएर्इ के डीन (अधिष्ठाता) डा.एन.एस.राठौड़ ने कहा कि देश दुनिया में हो रहे तकनीकी बदलावों व प्रगति से तकनीकी शिक्षकों को परीचित कराना अति आवश्यक है। इससे वे स्थानीय, सामुदायिक देश व विश्व स्तर की विकास प्रक्रिया में प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं।
विडियों कांफे्रसिंग से आयोजित इस कार्यक्रम में तकनीकी शिक्षा निदेशालय, जोधपुर के निदेशक एस.के.सिंह ने कहा कि राज्य सरकार तकनीकी शिक्षा में गुणवत्ता को और अधिक सुनिशिचत करने के लिए तत्पर है। इसके लिए नाइटर चंडीगढ़ की सहायता से तकनीकी शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है।
नाइटर चंडीगढ़ के निदेशक डा.एम.पी.पूनिया ने तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण के लिए भारत सरकार द्वारा आयोजित हो रहे विभिन्न कार्यक्रमों रूपरेखा प्रस्तुत की। पंजाब के रायतवाड़ा से कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डा. पूनिया ने कहा कि राजस्थान सहित उत्तर भारत में तकनीकी शिक्षण प्रशिक्षण में गुणवत्ता के लिए नाइटर प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम की राष्ट्रीय समन्वयक डा. परमजीत तुलसी व स्थानीय संयोजक पालिटेकिनक के प्राचार्य अनिल मेहता ने बताया कि एक सप्ताह के इस कार्यक्रम में राजस्थान व पंजाब के विभिन्न इंजीनियरिंग कालेजों व पालिटेकिनक कालेजों के इंजीनियरिंग शिक्षक भाग ले रहे है।
