प्रकृति की गोद में शुद्ध ऑक्सीजन के साथ 55 मीटर ऊंचे झरने का लुत्फ

वन विभाग के वन्यजीव संभाग, उदयपुर की ओर से प्रकृति प्रेमियों को पर्यावरण, वन संरक्षण एवं वन्यजीवों के प्रति प्रेम एवं जागरूकता बढ़ाने के दृष्टिगत आयोजित किये जा रहे वन भ्रमण इको टूर कार्यक्रम के रविवार को रावली टाडगढ़ अभयारण्य के भील बैरी स्थल का भ्रमण कराया गया।

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प्रकृति की गोद में शुद्ध ऑक्सीजन के साथ 55 मीटर ऊंचे झरने का लुत्फ

वन विभाग के वन्यजीव संभाग, उदयपुर की ओर से प्रकृति प्रेमियों को पर्यावरण, वन संरक्षण एवं वन्यजीवों के प्रति प्रेम एवं जागरूकता बढ़ाने के दृष्टिगत आयोजित किये जा रहे वन भ्रमण इको टूर कार्यक्रम के रविवार को रावली टाडगढ़ अभयारण्य के भील बैरी स्थल का भ्रमण कराया गया।

मुख्य वन संरक्षक, वन्यजीव राहुल भटनागर ने बताया कि मानसून के दौरान प्रकृति के नवीन स्वरूप एवं वन्यजीव व वनस्पति से आमजन को रूबरू कराने के उद्देश्य से पहली बार भील बैरी का भ्रमण कराया गया। भटनागर ने बताया कि इस पर्वतीय क्षेत्र के मध्य पहाड़ों से निकलते 55 फीट ऊंचे झरनें के विहंगम दृश्य प्रकृति प्रेमी को खासा लुभाया।

प्रकृति की गोद में शुद्ध ऑक्सीजन के साथ 55 मीटर ऊंचे झरने का लुत्फ

इस दौरान टूर ऑपरेटर कांतिलाल पूनमिया ने बताया कि इस दल में 40 प्रकृति प्रेमियों ने 4 किमी इको ट्रेकिंग कर शुद्ध आक्सीजन प्राप्त करते हुए स्वास्थ्य लाभ उठाया। इस दौरान गाइड सुनिल दुबे व विनय ने वहां की वनस्पति से अवगत कराया।

प्रकृति की गोद में शुद्ध ऑक्सीजन के साथ 55 मीटर ऊंचे झरने का लुत्फ

भटनागर ने बताया कि प्रकृति प्रेमियों प्रति उत्सुकता एवं बढ़ती मांग को देखते हुए आगामी दिनों में फिर से भील बैरी का भ्रमण कराया जाएगा।

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