EPFO ने शुरू की 'विश्वास 2026' योजना, जुर्माना और क्षतिपूर्ति विवादों का होगा आसान निपटारा
Udaipur Times, EPFO Latest News: 17 जुलाई 2026। केंद्र सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अधीन कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने "विश्वास, 2026" नामक एकमुश्त विवाद समाधान पहल शुरू की है, जिसका उद्देश्य कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध प्रावधान अधिनियम, 1952 की धारा 14B और सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 की धारा 128 के तहत क्षतिपूर्ति/जुर्माना लगाने से संबंधित विवादों का सौहार्दपूर्ण निपटारा करना है। EPFO Latest News
यह योजना EPF योजना, 2026 के भाग के रूप में दिनांक 29 जून 2026 को GSR 525(E) के माध्यम से अधिसूचित की गई है और 29 जून 2026 से प्रभावी हो गई है। यह अधिसूचना की तिथि से छह महीने की अवधि तक परिचालन में रहेगी।
विश्वास, 2026 योजना को स्वैच्छिक अनुपालन को बढ़ावा देने, मुकदमेबाजी को कम करने और कर्मचारियों के हितों की रक्षा करते हुए जुर्माने/क्षतिपूर्ति से संबंधित काफी समय से लंबित विवादों के शीघ्र समाधान को सक्षम बनाने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। यह योजना नियोक्ताओं को एक पारदर्शी, पूर्णतः डिजिटल और समयबद्ध प्रक्रिया के माध्यम से पात्र मामलों को निपटाने का अवसर प्रदान करती है। EPFO Latest News
इस योजना में चार व्यापक श्रेणियों के मामले शामिल हैं
- ऐसे मामले जिनमें जुर्माने/क्षतिपूर्ति के आदेशों को न्यायिक मंच के समक्ष चुनौती दी गई हो।
- अंतिम क्षतिपूर्ति/जुर्माने के आदेश जहां वसूली लंबित है या केवल आंशिक रूप से की गई है, जिसमें वसूली प्रमाणपत्र (RRC) मामले भी शामिल हैं।
- ऐसे मामले जिनमें नोटिस जारी किए जा चुके हैं लेकिन हर्जाने/जुर्माने के संबंध में अंतिम आदेश अभी पारित नहीं किए गए हैं।
- ऐसे मामले जिनमें जुर्माने/क्षतिपूर्ति के नोटिस अभी जारी नहीं किए गए हैं।
विश्वास, 2026 योजना के तहत, 14 जून 2024 से पूर्व की अवधि से संबंधित चूकों के लिए क्षतिपूर्ति/जुर्माने की गणना काफी कम दरों पर की जाएगी, अर्थात् दो महीने तक की चूकों के लिए 0.25 प्रतिशत प्रति माह, दो से चार महीने से कम की चूकों के लिए 0.50 प्रतिशत प्रति माह और चार महीने से अधिक की चूकों के लिए 1.00 प्रतिशत प्रति माह। इन रियायती दरों का उद्देश्य नियोक्ताओं को लंबित विवादों को शीघ्रता से हल करने के लिए प्रोत्साहित करना है। EPFO Latest News
इस योजना का लाभ उठाने के लिए, नियोक्ताओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि EPF एवं MP अधिनियम, 1952 की धारा 7Q या सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 की धारा 127 के तहत देय संपूर्ण ब्याज का भुगतान आवेदन जमा करने से पहले ही कर दिया गया हो। आवेदकों को यह वचन भी देना होगा कि योजना के तहत निपटाए गए विवाद के संबंध में आगे कोई अपील नहीं की जाएगी।
इस योजना में हर्जाने या जुर्माने के रूप में पहले से भुगतान की गई राशि के समायोजन, अपील दाखिल करने के लिए किए गए वैधानिक पूर्व-जमा के नियमन और लंबित मामलों के निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से निपटान से संबंधित विस्तृत प्रावधान शामिल हैं। हालांकि, जिन प्रतिष्ठानों में जुर्माना/हर्जाना पूरी तरह से वसूल किया जा चुका है, धोखाधड़ी, गबन या अभिलेखों में जानबूझकर हेराफेरी से जुड़े मामले और ऐसे मामले जिनमें लागू वैधानिक ब्याज पूरी तरह से जमा नहीं किया गया है, उन्हें इस योजना से बाहर रखा गया है।
विश्वास, 2026 योजना के अंतर्गत आवेदन EPFO नियोक्ता पोर्टल के माध्यम से डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाणपत्र (DSC) या ई-हस्ताक्षर का उपयोग करके ऑनलाइन जमा किए जाएंगे। यह प्रक्रिया आवेदन दाखिल करने में आसानी, ऑनलाइन सत्यापन, डिजिटल प्रसंस्करण और निर्धारित समय सीमा के भीतर निपटान आदेश जारी करने को सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है। EPFO Latest News
योजना के सुचारू कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए, EPFO ने अपने सभी क्षेत्रीय, प्रादेशिक और जिला कार्यालयों को विस्तृत परिचालन दिशानिर्देश जारी किए हैं। नियोक्ताओं की सहायता करने, आवेदनों की शीघ्रता से प्रक्रिया करने और समय पर निपटान सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्रीय कार्यालयों में समर्पित विश्वास प्रकोष्ठ स्थापित किए जा रहे हैं। योजना के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्रीय और मुख्यालय स्तर पर नियमित निगरानी की जाएगी। EPFO Latest News
EPFO सभी पात्र नियोक्ताओं को लंबित क्षतिपूर्ति या जुर्माने से संबंधित विवादों को सुलझाने, अनुपालन को नियमित करने तथा अधिक कुशल और मुकदमेबाजी-मुक्त सामाजिक सुरक्षा प्रशासन में योगदान देने के लिए इस एकमुश्त अवसर का पूरा लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित करता है।
