14 बार फेल होने के बाद भी नहीं मानी हार, बिना रुके BPSC टॉप कर SDM बनी आस्था दमेले

 | 
14 बार फेल होने के बाद भी नहीं मानी हार, बिना रुके BPSC टॉप कर SDM बनी आस्था दमेले

Udaipur Times, SDM Aastha Damele Success Story : मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के छोटे से कस्बे पलेरा की रहने वाली आस्था दमेले (Aastha Damele) ने यह साबित कर दिया कि लगातार असफलताएं भी सफलता का रास्ता नहीं रोक सकतीं। UPSC के पहले प्रयास में असफल होने और 14 प्रतियोगी परीक्षाओं में नाकामी झेलने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। आखिरकार BPSC परीक्षा में 23वीं रैंक हासिल कर बिहार प्रशासनिक सेवा (SDM) में चयनित हुईं।

दादाजी हमेशा कहते थे मेरी बिटिया लाल बत्ती में बैठेगी

आस्था ने बताया कि बचपन में उनके दादाजी अक्सर कहते थे, "मेरी बिटिया लाल बत्ती में बैठेगी।" यही सपना उनके जीवन का लक्ष्य बन गया। बेहतर शिक्षा के लिए सातवीं कक्षा के बाद उन्हें परिवार से दूर छतरपुर भेजा गया। यही संघर्ष आगे चलकर उनकी सबसे बड़ी ताकत बना।

14 बार फेल होने के बाद भी नहीं मानी हार

पहली असफलता ने तोड़ा, लेकिन रोका नहीं

स्कूल में हमेशा टॉपर रहने वाली आस्था को 2023 में UPSC के पहले प्रयास में प्रीलिम्स भी पास न कर पाना सबसे बड़ा झटका लगा। कई महीनों तक उनका आत्मविश्वास डगमगाया, लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय खुद को फिर से तैयार किया।

14 असफलताओं से सीखे सफलता के सबक

UPSC के अलावा उन्होंने हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार की विभिन्न लोक सेवा आयोग परीक्षाएं दीं। यूपी PCS में मेन्स तक पहुंचीं, लेकिन चयन नहीं हुआ। लगातार 14 परीक्षाओं में असफल होने के बावजूद उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी।

14 बार फेल होने के बाद भी नहीं मानी हार

योग और मेडिटेशन से मिली मानसिक मजबूती

आस्था ने पढ़ाई के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान दिया। उन्होंने रोजाना योग और मेडिटेशन शुरू किया। उनके भाई की एक बात हमेशा उनके साथ रही "हर दिन की मेहनत ही सबसे बड़ी उपलब्धि है, सिर्फ परिणाम नहीं।"

सफलता का मंत्र

आस्था का मानना है कि सिविल सेवा परीक्षा में केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि मानसिक मजबूती भी बेहद जरूरी है। उन्होंने घंटों के बजाय डेली, वीकली और मंथली लक्ष्य बनाकर पढ़ाई की। BPSC की तैयारी के दौरान उन्होंने सीमित किताबों पर भरोसा किया, बार-बार रिवीजन किया और अपने खुद के शॉर्ट नोट्स तैयार किए।

14 बार फेल होने के बाद भी नहीं मानी हार

रिजल्ट वाले दिन मंदिर में मिली खुशखबरी

BPSC का परिणाम आने के दिन आस्था बेहद घबराई हुई थीं। जब शुरुआती रैंक में उनका नाम नहीं आया तो वह दिल्ली के करोल बाग स्थित हनुमान मंदिर चली गईं। वहीं उन्हें दोस्त का संदेश मिला कि उनका चयन बिहार प्रशासनिक सेवा में हो गया है। आधिकारिक सूची में अपना नाम देखकर उनकी आंखों से खुशी के आंसू निकल पड़े।

युवाओं के लिए आस्था का संदेश

आस्था कहती हैं, "बड़े सपने देखिए, लेकिन उनके बोझ तले मत दबिए। पढ़ाई से प्यार कीजिए और परिणाम की चिंता भगवान पर छोड़ दीजिए। मेहनत कभी बेकार नहीं जाती, सही समय आने पर उसका फल जरूर मिलता है।"

Follow UdaipurTimes on Facebook , Instagram , and Google News