4 बार फेल होने के बाद भी नहीं मानी हार, 23 लाख की नौकरी छोड़ ऐसे बनी IAS अफसर
Udaipur Times, IAS Kajal Jawla Success Story : हिंदी के मशहूर कवि सोहनलाल द्विवेदी जी की ये कविता तो आपने जरूर सुनी होगी लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। ये कविता मेरठ की बेटी IAS अफसर काजल जावला पर बिल्कुल सटीक बैठती है। चार बार UPSC में फेल होने के बाद भी काजल अपने लक्ष्य से कभी पीछे नहीं हटी। जॉब करते-करते सिविल परीक्षा की तैयारी करना इतना आसान नहीं होता है। ऑफिस में 9 घंटे काम करना और कैब में ऑफिस आते और जाते वक्त अपनी पढ़ाई करना क्या इतना आसान होता है? आखिरकार 5वें प्रयास में उनका सपना पूरा हुआ अपनी 23 लाख की नौकरी छोड़कर काजल जावला आईएएस अफसर बनीं।
बचपन से बनना चाहती थीं डॉक्टर
काजल जावला ने अपने एक इंटरव्यू में बताया कि वो मूल रूप से वह यूपी के मेरठ की रहने वाली हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई वहीं से पूरी की है। बचपन से वह डाॅक्टर बनना चाहती थीं लेकिन उस समय लोग उन्हें सिविल सर्विस के लिए बोलते थे। हालांकि, उन्हें इसके बारे में आइडिया नहीं था और 2010 में वह इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए मुथरा चली गईं। यहां के एक इंजीनियरिंग कॉलेज से उन्होंने बीटेक किया।

पिता चाहते थे बेटी करे सिविल सर्विस एग्जाम की तैयारी
अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद काजल को एक बढ़िया कंपनी में शानदार सैलेरी पैकेज के साथ नौकरी भी मिल गई। लेकिन उनके पिता चाहते थे कि बेटी सिविल सर्विस एग्जाम की तैयारी करें और देश की सेवा करें। पिता के इसी सपने को पूरा करने के लिए काजल ने साल 2014 से यूपीएसएसी की तैयारी करना शुरू कर दिया था।
शादी के बाद मिला पति का साथ
जॉब करते-करते काजल जावला की शादी भी हो गई। शादी के बाद भी उन्होंने अपने यूपीएससी के लक्ष्य को नहीं छोड़ा। कहते हैं ना अगर लाइफ पार्टनर अच्छा हो तो आप किसी भी सपने को पूरा कर सकते हो। ठीक ऐसा ही काजल के साथ हुआ। उन्हें अपने पति का भी साथ मिला। 9 घंटे की जाॅब की के साथ उन्होंने तैयारी बैलेंस की। उनके घर से ऑफिस (दिल्ली से गुरुग्राम) तक जाने में लगभग 2 घंटा लग जाता था। ऐसे में समय बचाने के लिए वह कैब से आते-जाते समय रास्ते में पढ़ाई करती थीं। वीकेंड पर पढ़ाई के लिए ज्यादा समय देती थीं और इस दौरान पति और उनके पिता मोटिवेट करते थे।

4 बार असफलता के बाद भी नहीं मानी हार
साल 2012 में काजल ने यूपीएससी के लिए पहला प्रयास किया था और इस दौरान उन्होंने अपने बहुत से क्लासमेट को तैयारी करते और एग्जाम देते हुए देखा था। तब उन्हें लगा कि उन्हें समझ आया और वह आगे बढ़ती रहीं। 2014 के अटेंप्ट में भी उन्हें असफलता मिली थी। 2016 में शादी होने के बाद अटेंप्ट दिया और इस बार भी वह फेल हो गईं। इसके बाद उन्होंने अपनी तैयारी तेज कर दी थी। हालांकि, 2017 में चौथी बार भी उन्हें असफलता ही मिली लेकिन वह रुकी नहीं।
5वें प्रयास में सफलता हुई प्राप्त
साल 2018 में अपने 5वें प्रयास में काजल जावला को यूपीएससी परीक्षा में 28वीं रैंक प्राप्त हुई। तब तक उन्हें अपनी जाॅब में अच्छा-खासा अनुभव हो चुका था और उस समय उनकी सैलरी लगभग 23 लाख रुपये थी। IAS बनने के लिए उन्होंने अपने हाई सैलरी पैकेज की जाॅब छोड़ दी थी। काजल MP कैडर की अधिकारी हैं। उनकी सफलता से लाखों युवाओं को आगे बढ़ने का हौसला देती है जो हर हाल में आगे बढ़ना चाहते हैं।
