तीन बार असफल होने के बाद भी नहीं मानी हार, सिर्फ 2 दिन पढ़कर देवयानी बनीं IRS अधिकारी
Udaipur Times, IRS Devyani Singh UPSC Success Story : संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है। हर साल लाखों अभ्यर्थी इसमें शामिल होते हैं, लेकिन सफलता कुछ ही लोगों को मिलती है। हरियाणा की रहने वाली देवयानी सिंह (Devyani Singh) ने अपनी मेहनत, धैर्य और सही रणनीति के दम पर यह साबित कर दिया कि सीमित समय में भी बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। उन्होंने नौकरी और प्रशिक्षण के दौरान सिर्फ शनिवार और रविवार को पढ़ाई कर UPSC में ऑल इंडिया 11वीं रैंक हासिल की।

इंजीनियरिंग के बाद शुरू की UPSC की तैयारी
देवयानी सिंह (Devyani Singh) ने 10वीं और 12वीं की पढ़ाई चंडीगढ़ से पूरी की। इसके बाद साल 2014 में उन्होंने गोवा स्थित बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (BITS Pilani) से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंस्ट्रूमेंटेशन इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की। इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद उन्होंने सिविल सेवा में करियर बनाने का फैसला किया और UPSC की तैयारी शुरू कर दी।
लगातार तीन बार मिली असफलता
UPSC का सफर देवयानी के लिए आसान नहीं रहा। शुरुआती दो प्रयासों में वह प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) भी पास नहीं कर सकीं। तीसरे प्रयास में उन्होंने इंटरव्यू तक का सफर तय किया, लेकिन अंतिम चयन सूची में उनका नाम नहीं आया। लगातार तीन असफलताओं के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी तैयारी जारी रखी।

चौथे प्रयास में मिली सफलता
चौथे प्रयास में देवयानी ने UPSC परीक्षा पास कर ऑल इंडिया 222वीं रैंक हासिल की। इस रैंक के आधार पर उनका चयन केंद्रीय लेखा एवं ऑडिट सेवा (Central Audit Department) में हुआ। हालांकि, वह अपनी रैंक से पूरी तरह संतुष्ट नहीं थीं और उन्होंने दोबारा परीक्षा देने का फैसला किया।
नौकरी के साथ सिर्फ वीकेंड पर की पढ़ाई
प्रशिक्षण के दौरान समय की कमी के कारण देवयानी नियमित पढ़ाई नहीं कर पाती थीं। ऐसे में उन्होंने शनिवार और रविवार को ही पढ़ाई करने की रणनीति बनाई। सीमित समय का प्रभावी उपयोग करते हुए उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी और पूरे फोकस के साथ परीक्षा दी।

दूसरे प्रयास में हासिल की ऑल इंडिया 11वीं रैंक
साल 2019 में देवयानी सिंह ने फिर से UPSC परीक्षा दी। इस बार उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया 11वीं रैंक हासिल की। उनकी इस उपलब्धि के बाद उनका चयन भारतीय राजस्व सेवा (IRS) में हुआ।
युवाओं के लिए प्रेरणा
देवयानी सिंह (Devyani Singh) की सफलता की कहानी बताती है कि असफलता अंत नहीं होती। यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, सही रणनीति अपनाई जाए और लगातार मेहनत की जाए, तो सीमित समय में भी बड़ी उपलब्धि हासिल की जा सकती है। उनका संघर्ष और सफलता आज लाखों UPSC अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
