मां के गुजरने के बाद भी दिल में जिंदा रखा सपना, आखिरकार SDM बन मां के सपने को किया साकार
Udaipur Times, Ankita Kumari BPSC Successful Story : 70वीं BPSC परीक्षा में 272वीं रैंक हासिल करने वाली अंकिता कुमारी की सफलता की कहानी सिर्फ एक परीक्षा पास करने के बारे में नहीं है; उन्होंने अपनी मां का अधूरा सपना पूरा किया। अंकिता ने अपनी मां को तब खो दिया था जब वह सिर्फ 12 साल की थीं। उनकी मां खुद एक अफसर बनना चाहती थीं, लेकिन उनके जीते-जी यह सपना पूरा नहीं हो सका। मां के गुजरने के बाद भी वह सपना अंकिता के दिल में जिंदा रहा।

अंकिता ने तीन बार UGC-NET परीक्षा पास की
आज, 70वीं BPSC परीक्षा में 272वीं रैंक हासिल करने के बाद, वह SDM बनने जा रही हैं। अंकिता ने अपनी 10वीं तक की पढ़ाई छपरा के सरस्वती शिशु विद्या मंदिर से और इंटरमीडिएट की पढ़ाई राजेंद्र कॉलेज से पूरी की। उन्होंने पटना विमेंस कॉलेज से ग्रेजुएशन किया, जहां वह यूनिवर्सिटी टॉपर रहीं, और उसके बाद पटना यूनिवर्सिटी से मास्टर्स डिग्री हासिल की। अंकिता ने तीन बार UGC-NET परीक्षा भी पास की है।
परिवार और दोस्तों ने भरपूर साथ दिया
उन्होंने COVID-19 महामारी के बाद 2022 में BPSC परीक्षा की तैयारी शुरू की। हालाँकि उन्हें पता था कि यह सफ़र आसान नहीं होगा, फिर भी वह डटी रहीं। शुरू में, वह लगातार तीन बार शुरुआती परीक्षा (प्रीलिम्स) पास नहीं कर पाईं। इन नतीजों के बाद, उन्हें कई बार लगा कि तैयारी छोड़ देनी चाहिए।

बार-बार की नाकामियों ने उनका आत्मविश्वास डगमगा दिया था और उन्हें शक होने लगा था कि क्या वह कभी परीक्षा में सफल हो पाएंगी। ऐसे समय में उनके परिवार और दोस्तों ने उनका साथ दिया और उन्हें भरोसा दिलाया कि एक-दो नाकामियां किसी की मंजिल तय नहीं करतीं। इस समर्थन से प्रेरित होकर, उन्होंने नए जोश और लगन के साथ फिर से तैयारी शुरू की।
मां का सपना हमेशा साथ रहा
अगली कोशिश में उन्होंने शुरुआती परीक्षा पास कर ली। खास बात यह है कि यह उनका पहला मौका था जब वह मेन्स और इंटरव्यू के चरणों में शामिल हुईं। जब 70वीं BPSC के नतीजे घोषित हुए, तो अंकिता ने 272वीं रैंक हासिल की। उनकी मेहनत रंग लाई और अफसर बनने का उनका सपना सच हो गया।
अंकिता के पिता सरकारी इंजीनियर हैं। उनकी मां अब उनके साथ नहीं हैं, लेकिन उनका सपना हमेशा अंकिता के साथ रहा है। मुश्किल समय में उनके परिवार ने उनका हौसला बनाए रखा।

भरोसेमंद रिसोर्स चुनें और उन्हें अच्छी तरह और बार-बार पढ़ें
इसी सहारे ने अंकिता को फिर से उठने और अपनी तैयारी दोबारा शुरू करने की हिम्मत दी। आज, उनकी सफलता उनके परिवार के लिए भी बहुत मायने रखती है। अंकिता मानती हैं कि तैयारी के दौरान उन्होंने एक गलती बार-बार की वह अपना स्टडी मटीरियल बदलती रहीं, जिससे उनके समय और मेहनत दोनों पर असर पड़ा।
वह तैयारी करने वालों को सलाह देती हैं कि वे सीमित लेकिन भरोसेमंद रिसोर्स चुनें और उन्हें अच्छी तरह और बार-बार पढ़ें। उनके अनुसार, सफलता के लिए लगातार प्रैक्टिस और धैर्य बहुत ज़रूरी हैं।