गरीबी भी नहीं रोक पाई सफलता का रास्ता, परिवार के त्याग से RAS अफसर बनें लोकेन्द्र

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गरीबी भी रोक नहीं पाई सफलता का रास्ता, परिवार के त्याग से RAS अफसर बनें लोकेन्द्र

Udaipur Times, RAS Lokendra Singh Success Story : राजस्थान के एक छोटे से गांव से ताल्लुक रखने वाले लोकेन्द्र सिंह ना केवल गरीबी और हालातों से लड़कर RAS की परीक्षा पास की बल्कि इसमें अच्छा रैंक भी हासिल किया। लोकेन्द्र अपने गांव के पहले शख्स हैं जो RAS अफसर बने हैं।

भेड़ बकरी बेचकर बेटे की पढ़ाई करी पूरी 

बीकानेर जिले के छोटे से गांव छनेरी से आने वाले लोकेन्द्र सिंह एक बहुत ही साधारण परिवार से हैं। उनके पिता भेड़-बकरी का पालन करते हैं। लेकिन उन्होंने अपनी गरीबी को कभी बेटे की पढ़ाई के बीच बाधा नहीं बनने दिया।

बेटे को पढ़-लिखकर बड़ा अफसर बनता देखने के लिए पिता ने कई दिन-रात मेहनत की। आर्थिक स्थिति ज्यादा ठीक नहीं थी। फिर भी उन्होंने हमेशा बेटे को पढ़ाई के लिए प्रेरित किया। जब भी बेटे को पैसों की जरूरत पढ़ती तो वे एक या दो भेड़-बकरी बेच देते थे। 3-4 महीने में एक पशु बेचना पड़ता था। 

लोकेन्द्र को अफसर बनता देखने के लिए भाई ने छोड़ी पढ़ाई 

लोकेन्द्र को अफसर बनता देखने के लिए पिता के साथ-साथ बड़े भाई ने भी बलिदान किया। छोटा भाई पढ़कर लिखकर अपने पूरे कर सके, इसलिए उन्होंने अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी। क्योंकि दोनों बच्चों की पढ़ाई का खर्च एक साथ उठाना मुश्किल था। 

दिल्ली यूनिवर्सिटी के हंसराज कॉलेज से की पढ़ाई 

 फतेहपुर शेखावाटी से साल 2016 में 10वीं और 2018 में 12वीं क्लास की पढ़ाई पूरी की करने के बाद आगे की पढ़ाई के लिए लोकेन्द्र दिल्ली में आ गए थे। 2021 में दिल्ली यूनिवर्सिटी के हंसराज कॉलेज से फिजिक्स ऑनर्स की डिग्री हासिल की। कॉलेज के दिनों से ही लोकेंद्र ने अपने राज्य की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा राजस्थान प्रशासनिक सेवा परीक्षा (RAS) को क्वालिफाई करने का मन बना लिया।

जीजा ने की काफी मदद 

लोकेन्द्र सिंह ने बताया कि कई बार तो ऐसा हुआ कि कोचिंग की फीस भरना मुश्किल लगता था। गांव वाले उन्हें पटवारी या LDC जैसी छोटी परीक्षाओं की तैयारी करने की सलाह देते थे, लेकिन उनके पिता और जीजा ने उन्हें आगे बढ़ते रहने के लिए प्रोत्साहित किया। लोकेन्द्र के जीजा राजेंद्र सिंह (आर्मी से रिटायर हैं) ने भी उनकी बहुत मदद की। जरूरत पढ़ने पर जीजा ने कोचिंग की फीस भी भरी। 

पहले प्रयास में प्राप्त हुई 620वीं रैंक 

लोकेन्द्र ने दिल्ली में रहकर राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की आरएएस परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी। उन्होंने 2023 का आरएएस एग्जाम दिया था। लेकिन उम्मीद के हिसाब से बहुत कम रैंक मिली। RAS 2023 में लोकेंद्र को 620वीं रैंक मिली थी। उन्हें कोई सर्विस नहीं मिली थी। फिर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। अपनी कमियां को पहचाना और गलतियों से सीखकर अगली परीक्षा के लिए दोगुनी मेहनत की। 

RAS के फाइनल रिजल्ट में 33वीं रैंक पाकर बने अफसर 

पिता, भाई और जीजा का सपोर्ट, त्याग और संघर्ष हमेशा लोकेन्द्र सिंह को आगे बढ़ने में मदद करता रहा। वो लगातार प्रयास करते रहे। दिन-रात प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी की और आखिरकार वो दिन आ ही गया जिसका लंबे समय से इंतजार था। RAS फाइनल रिजल्ट 2024 में लोकेंद्र सिंह ने 33वीं रैंक हासिल कर अफसर बनने का अपना सपना पूरा किया।

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