प्रत्येक निराश्रित बच्चे को मिले पारिवारिक संरक्षण - कानूनगो
राष्ट्र की इस्पिरेशनल ड्रिस्ट्रिक से होंगे कुछ नवाचार, हर वंचित बच्चे तक पहुंचना पहला लक्ष्य - कानूनगो
राष्ट्रिय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष कानूनगो पहली बार उदयपुर की दो दिवसीय यात्रा पर
उदयपुर 18 नवम्बर 2019। पारिवारिक देखभाल एवं संरक्षण से ज्यादा कोई ओर बेहतर विकल्प निराश्रित बच्चे के लिए नहीं हो सकता, बस जरूरी है कि वहाँ उसके अधिकारों का संरक्षण हो।
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग विभिन्न राज्यों के बाल आयोगों के साथ मिलकर इस दिशा में कुछ नवाचार करने जा रहा है। जिसकी शुरूआत सबसे पहले निति आयोग द्वारा चिन्हित इस्पिरेशनल जिलो के साथ करने का विचार किया जा रहा है। हर वंचित बच्चे तक पहुंचना बाल आयोग की प्राथमिकता एवं लक्ष्य है।
उक्त विचार राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, भारत सरकार के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने अपनी दो दिवसिय उदयपुर यात्रा के अन्तिम दिन उदयपुर सर्किट हाउस में राजस्थान बाल आयोग के सदस्य एवं बाल अधिकारिता विभाग के अधिकारियों से चर्चा करते हुए व्यक्त किए।
कानूनगो ने राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग, राजस्थान सरकार के नवगठन के पश्चात् केवल चार मास में सक्रियता से कार्य करने की सराहना करते हुए, प्रदेश में संचालित बाल सप्ताह की गतिविधियों की प्रशन्सा की।
इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य डाॅ. शैलेन्द्र पण्ड्या ने राजस्थान में संचालित केन्द्र एवं राज्य सरकार की बाल संरक्षण गतिविधियों की प्रगति की जानकारी देते हुए राजस्थान को बाल मित्र बनाने में राष्ट्रीय आयोग के मार्गदर्शन एवं सहयोग की अपील की।
दिनांक 17.11.2019 से डबोक एयरर्पोट पर राष्ट्रीय बाल आयोग में अध्यक्ष मनोनीत होने के पश्चात् प्रथम बार उदयपुर आगमन पर कानूनगो का राज्य आयोग एवं जिला प्रशासन द्वारा स्वागत किया गया, तत्पश्चात् अन्नता रिर्सोट में आयोजित “ऑरफन फ्री इण्डिया” कार्यक्रम में सम्मिलित होकर आज सर्किट हाउस में बैठक कर कानूनगो ने दिल्ली प्रस्थान किया।
राष्ट्रीय आयोग के अध्यक्ष के साथ राजस्थान बाल आयोग के सदस्य डाॅ. शैलेन्द्र पण्ड्या, बाल अधिकारिता विभाग सहायक निदेशक मीना शर्मा, विशेषज्ञ जिग्नेश दवे, निजि सचिव अमित राव, स्वराज फाउण्डेशन की प्रतिनिधी श्रैया भीधे सहित स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधी उपस्थित रहे।
राजस्थान सरकार द्वारा कानूनगो को राज्य अतिथी का दर्जा देने के साथ राजस्थान राज्य के प्रतिनिधियों द्वारा उदयपुर आगमन पर स्वागत किया गया।
