आबकारी विभाग का बड़ा फैसला: 10 जिलों के मुखबिरों को मिलेगा 18 लाख रुपये का रिवार्ड

वर्षों से लंबित प्रकरणों का किया निस्तारण
 | 
Excise Department

 

 

Udaipur Times, Rajasthan News: 8 जुलाई 2026। आबकारी आयुक्त नमित मेहता की सराहनीय पहल एवं कुशल निर्देशन में आबकारी विभाग ने प्रदेश सरकार की मुखबिर प्रोत्साहन योजना के तहत कई वर्षों से लंबित 30 प्रकरणों का अल्प समयावधि में निस्तारण करते हुए अनुमानित 18 लाख रुपए की राशि की स्वीकृति प्रदान कर दी है। आबकारी आयुक्त मेहता के अनुसार इससे प्रदेश में मुखबिर तंत्र सुदृढ़ होगा एवं अवैध मदिरा के निर्माण, भण्डारण, परिवहन एवं विक्रय की रोकथाम में सहायता मिलेगी। Rajasthan News

मुखबिर तंत्र होगा सुदृढ़

आबकारी आयुक्त नमित मेहता ने अपे्रल माह में आबकारी विभाग की कमान संभालने के साथ ही विभागीय अधिकारियों को प्रदेश में अवैध मदिरा की रोकथाम के लिए निरोधात्मक गतिविधियों की संख्या में वृद्धि के साथ प्रभावी कार्रवाई एवं मुखबिर तंत्र को सुदृढ़ करने के निर्देश प्रदान किए जिससे शराब तस्करों की अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। इस संबंध में मुखबिर प्रोत्साहन योजना के तहत रिवार्ड राशि के लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया। आबकारी आयुक्त द्वारा इस संबंध में नियमित समीक्षा भी की गई जिसके परिणामस्वरूप प्रदेश में 10 जिलों के 30 प्रकरणों का अल्प अवधि में ही निस्तारण कर दिया गया। Rajasthan News

सकारात्मक परिणाम

आबकारी विभाग में मुखबिर प्रोत्साहन योजना के वर्षों से लंबित प्रकरणों के अल्प अवधि में निस्तारण से मुखबिर लाभान्वित हुए है जिससे अवैध मदिरा संबंधी विश्वसनीय सूचनाओं की वृद्धि हुई है। प्रदेष में माह अप्रेल से जून 2026 तक आबकारी विभाग ने प्रभावी निरोधात्मक कार्रवाई करते हुए 6.63 करोड़ रूपए की अवैध मदिरा सीज की गई है। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष इसी अवधि में निरोधात्मक कार्यवाहियों के तहत 1.80 करोड़ रूपए की अवैध मदिरा सीज की गई थी। इस प्रकार साढे़ तीन गुना से अधिक अवैध मदिरा सीज करने की सफलता मिली है। Rajasthan News

इन जिलों के मुखबिर हुए लाभान्वित

प्रदेश में मुखबिर प्रोत्साहन योजना के तहत श्रीगंगानगर, अलवर, डूंगरपुर, उदयपुर, सीकर, अजमेर, राजसमन्द, चुरू, बीकानेर, झुंझुंनू जिलों के कई वर्षाें से लंबित चल रहे प्रकरणों में विभाग को अवैध मदिरा के संबंध मेें गोपनीय सूचना देने वाले मुखबिरों को अनुमानित 18 लाख रूपए की राशि की स्वीकृति प्रदान की गई है। उल्लेखनीय है कि संबंधित जिला आबकारी अधिकारी की अनुशंषा पर निरोधात्मक कार्यवाहियों के तहत मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई पर संबंधित मुखबिर को प्रोत्साहन अथवा रिवार्ड राशि प्रदान करने का प्रावधान है। इस प्रक्रिया में मुखबिर संबंधी समस्त सूचना को पूर्णतः गोपनीय रखा जाता है। Rajasthan News

मुखबिर प्रोत्साहन योजना

प्रदेश सरकार के वित्त विभाग के निर्देशानुसार मुखबिर प्रोत्साहन योजना के तहत मुखबिर द्वारा प्रदत्त सूचना 10 लाख अथवा उससे अधिक की निर्विवाद अनुमानित राजस्व हानि को रोकने में सहायक होने पर संबंधित सूचना प्रदाता को 4 प्रतिशत तक रिवार्ड राशि प्रदान करने का प्रावधान है। यह पुरस्कार अथवा रिवार्ड राशि 15 लाख रूपए से अधिक नही होगी। उल्लेखनीय है कि आबकारी विभाग में मुखबिर संबंधी रिवार्ड के प्रकरण संबंधित जिला आबकारी अधिकारी की अनुशंषा सहित मुख्यालय उदयपुर प्रेषित किए जाते है।

Follow UdaipurTimes on Facebook , Instagram , and Google News