हरियाणा में बिजली वितरण के लिए निजी कंपनी की राह आसान, विशेषज्ञ समिति की लाइसेंस देने की सिफारिश

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हरियाणा में बिजली वितरण के लिए निजी कंपनी की राह आसान, विशेषज्ञ समिति की लाइसेंस देने की सिफारिश 

Udaipur Times, Haryana News : गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण के सरकारी एकाधिकार को खत्म करने की राह खुल गई है। हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग की ओर से गठित विशेषज्ञ समिति ने 2025 में बनी निजी कंपनी इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को दोनों जिलों में समानांतर बिजली वितरण एजेंसी के तौर पर लाइसेंस देने की सिफारिश की है। फिलहाल दोनों जिलों में दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ही उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति करता है। 

सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी आलोक निगम की अध्यक्षता वाली समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि कंपनी का आवेदन खारिज करने का कोई आधार नहीं मिला। हालांकि, लाइसेंस देने का अंतिम फैसला विद्युत विनियामक आयोग ही करेगा। समिति ने लाइसेंस देने के साथ कई शर्तें लागू करने का सुझाव दिया है। इनमें उपभोक्ता श्रेणी के अनुसार चरणबद्ध क्षेत्र कवरेज, घरेलू, कृषि और ग्रामीण उपभोक्ताओं को सेवा देना, पूर्ण आपूर्ति दायित्व की नियमित समीक्षा और उपभोक्ताओं के कंपनी बदलने की प्रक्रिया पर निगरानी शामिल है। 

पांच साल में 4,716 करोड़ का निवेश

इलेवन पावर ने पांच साल में 4,716 करोड़ रुपये निवेश करने की योजना पेश की है। इसमें अधिकांश निवेश अंतिम तीन वर्षों में प्रस्तावित है। वहीं, डीएचबीवीएन ने दोनों जिलों में पूर्ण आपूर्ति दायित्व पूरा करने के लिए जरूरी ढांचा तैयार करने में 11,397 करोड़ रुपये की जरूरत बताई है। समिति ने दोनों आकलनों को अलग-अलग नेटवर्क विकास मॉडल पर आधारित माना है और कंपनी की चरणबद्ध निवेश योजना को स्वीकार किया है। इसी मुद्दे पर बिजली अभियंता संगठनों ने सवाल उठाए हैं। हरियाणा बिजली अभियंता संघ के अध्यक्ष पुनीत कुंडू ने कहा कि वितरण कंपनी के पास पूरे क्षेत्र में पर्याप्त ढांचा होना चाहिए।

चरणबद्ध निवेश के आधार पर पूर्ण आपूर्ति दायित्व पूरा करना व्यावहारिक नहीं है। हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम ने भी आशंका जताई है कि कंपनी पहले लाभ वाले उपभोक्ताओं को अपने नेटवर्क से जोड़ेगी। उसके अनुसार कंपनी 220 से 66 केवी उपकेंद्रों के आसपास के औद्योगिक और व्यावसायिक क्षेत्रों को प्राथमिकता दे रही है। कंपनी ने करीब 2.5 प्रतिशत मौजूदा उपभोक्ताओं के उसके नेटवर्क से जुड़ने का अनुमान लगाया है। ऐसे में कृषि और ग्रामीण उपभोक्ताओं का बड़ा भार सरकारी वितरण कंपनी पर बने रहने की आशंका है। इलेवन समूह के अध्यक्ष और मेदांता के सह-संस्थापक सुनील सचदेवा इस कंपनी के निदेशक हैं।

बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों की संयुक्त संघर्ष मोर्चा की बैठक जल्द बुलाई जाएगी। बैठक में बिजली क्षेत्र से जुड़े मौजूदा मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी। इसके बाद आंदोलन की आगामी रणनीति तय होगी। -राजेंद्र राणा, महासचिव, ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन वर्कर।

इस कमेटी की रिपोर्ट का कोई औचित्य नहीं बनता है। इसमें मुख्य एचईआरसी का फैसला होगा। आयोग के फैसले में निजी कंपनी की तरफ फैसला जाने पर विरोध करेंगे। - संपत सिंह, पूर्व मंत्री, आयोग में याचिकाकर्ता।

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