UPSC में 4 बार मिली अफसलता, माइग्रेन का अटैक झेला, FOMO से उभकर IPS अधिकारी बनी सारिका चौधरी

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UPSC में 4 बार मिली अफसलता, माइग्रेन का अटैक झेला, FOMO से उभकर IPS अधिकारी बनी सारिका चौधरी 

IPS Sarika Choudhary : इंडियन पुलिस सर्विस (IPS) ऑफिसर सारिका चौधरी की सफलता की कहानी बहुत शानदार है। स्कूल और कॉलेज के दिनों में हमेशा टॉपर रहने के बावजूद, UPSC परीक्षा के अपने पहले चार प्रयासों में वह शुरुआती चरण (प्रीलिमिनरी स्टेज) भी पास नहीं कर पाईं। हालांकि, पीछे छूट जाने के डर (FOMO) पर काबू पाकर, उन्होंने अपने पांचवें प्रयास में बाजी पलट दी और उत्तर प्रदेश कैडर में IPS ऑफिसर के तौर पर जगह बनाई।

सारिका चौधरी सहारनपुर में ASP नियुक्त

सारिका चौधरी को 20 अगस्त, 2026 को उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने 2023 और 2024 बैच के 23 IPS ऑफिसर्स को उनकी पहली रेगुलर पोस्टिंग दी। IPS ऑफिसर सारिका चौधरी को सहारनपुर में एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस (ASP) नियुक्त किया गया है।

UPSC में 4 बार मिली अफसलता

UPSC की तैयारी के लिए PhD छोड़ी

एक मीडिया इंटरव्यू में सारिका चौधरी ने बताया कि उन्होंने 12वीं की परीक्षा में टॉप किया था, जिससे उन्हें राजस्थान के BITS पिलानी में इंजीनियरिंग प्रोग्राम में एडमिशन मिला। बाद में उन्होंने इंजीनियरिंग छोड़ दी और दिल्ली के हिंदू कॉलेज में एडमिशन लिया, जहां उन्होंने 2014 में अपनी बैचलर और मास्टर डिग्री पूरी कीं। वह कॉलेज में भी टॉपर रही थीं।

चार प्रयासों में UPSC की प्रारंभिक परीक्षा पास नहीं कर पाईं

इसके बाद, वह दिल्ली में रहीं और इतिहास (History) विषय में NET परीक्षा पास की। उन्होंने JNU में PhD करना शुरू किया, लेकिन इसी दौरान उनकी रुचि सिविल सेवा की ओर हो गई। नतीजतन, UPSC परीक्षा की तैयारी के लिए उन्होंने PhD प्रोग्राम छोड़ दिया। 2019 और 2022 के बीच, वह लगातार चार प्रयासों में UPSC की प्रारंभिक परीक्षा पास नहीं कर पाईं।

UPSC में 4 बार मिली अफसलता

FOMO से उबरना और गेम बदलना

सारिका चौधरी के अनुसार, 2023 में वह पांचवीं बार UPSC परीक्षा देने वाली थीं, लेकिन वह FOMO यानी 'कुछ छूट जाने का डर' का शिकार हो गईं। UPSC की तैयारी के दौरान अपने पिछले चार प्रयासों की तरह ही, उन्हें भी कुछ छूट जाने या पीछे रह जाने का डर सताने लगा। उन्होंने सबसे पहले इस FOMO पर काबू पाया और ठान लिया कि नतीजा चाहे जो भी हो, वह पांचवीं बार परीक्षा देंगी।

देशभर में 548वीं रैंक हासिल करके IPS अधिकारी बनीं

अपने पांचवें प्रयास की प्रीलिम्स परीक्षा से ठीक तीन दिन पहले UPSC 2022 के नतीजे घोषित हुए; अपने दो करीबी दोस्तों को पांचवें और छठे प्रयास में भी परीक्षा पास न कर पाने की वजह से वह निराश हो गईं, फिर भी उन्होंने खुद पर भरोसा बनाए रखा और प्रीलिम्स परीक्षा दी। परीक्षा पास करने से उन्हें मेन्स परीक्षा देने का आत्मविश्वास मिला। उन्होंने बिना किसी दबाव के, सही रणनीति और सीमित संसाधनों के साथ तैयारी की, हालांकि परीक्षा से दस दिन पहले उन्हें माइग्रेन का दौरा पड़ा। इसके बावजूद, उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने इंटरव्यू भी पास किया और देशभर में 548वीं रैंक हासिल करके IPS अधिकारी बनीं।

IPS सारिका चौधरी कौन हैं?

सारिका चौधरी राजस्थान के झुंझुनूं ज़िले के पिलानी में वार्ड 13 की रहने वाली हैं। जब उन्होंने UPSC परीक्षा पास की, तब उनके पिता मुकेश चौधरी बीकानेर में तहसीलदार थे और उनकी माँ सुमन चौधरी एक सरकारी स्कूल की प्रिंसिपल थीं। 1 जनवरी 1994 को जन्मीं सारिका चौधरी अब उत्तर प्रदेश कैडर की 2024-बैच की IPS अधिकारी हैं।

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