तीन बार प्रीलिम्स में हुई फेल, कड़ी मेहनत से चौथे प्रयास में प्राची हनी बनीं IAS अफसर

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तीन बार प्रीलिम्स में हुई फेल, कड़ी मेहनत से चौथे प्रयास में प्राची हनी बनीं IAS अफसर  

Udaipur Times, IAS Prachi Honey : बिहार के मुजफ्फरपुर की रहने वाली प्राची हनी (Prachi Honey) ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 28 हासिल कर अपने परिवार और पूरे राज्य का नाम रोशन किया है। उनकी सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने पहले तीन प्रयासों में प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) भी पास नहीं की थी। लगातार असफलताओं के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और चौथे प्रयास में शानदार सफलता हासिल कर IAS बनने का सपना पूरा किया।

प्राची की इस उपलब्धि पर उनके घर और पूरे इलाके में जश्न का माहौल है। ढोल-नगाड़ों और फूलों की बारिश के साथ लोगों ने उनका स्वागत किया। उनकी सफलता आज लाखों UPSC अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा बन गई है।

तीन बार प्रीलिम्स में हुई फेल

बचपन से था IAS बनने का सपना

प्राची हनी (Prachi Honey) का परिवार शिक्षा से जुड़ा हुआ है। उनके पिता सरकारी स्कूल में प्रधानाध्यापक (Headmaster) हैं, जबकि उनकी मां शिक्षिका हैं। बचपन से ही घर में पढ़ाई का माहौल रहा और उनके पिता का सपना था कि बेटी IAS अधिकारी बने। यही सपना धीरे-धीरे प्राची का भी लक्ष्य बन गया। प्राची ने बताया कि बचपन से ही उन्हें सिविल सेवा में जाने के लिए प्रेरित किया गया, जिससे उनका आत्मविश्वास लगातार बढ़ता गया।

मुजफ्फरपुर से दिल्ली तक का सफर

प्राची ने 10वीं तक की पढ़ाई मुजफ्फरपुर के डीएवी पब्लिक स्कूल से की। इसके बाद उन्होंने होली क्रॉस पब्लिक स्कूल से 12वीं की शिक्षा पूरी की। उच्च शिक्षा के लिए वह दिल्ली चली गईं, जहां उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के कालिंदी कॉलेज से भूगोल (Geography) में स्नातक किया। ग्रेजुएशन के दौरान ही उन्होंने UPSC की तैयारी शुरू कर दी और भूगोल को अपना वैकल्पिक विषय (Optional Subject) चुना।

तीन बार प्रीलिम्स में हुई फेल

तीन बार मिली असफलता, फिर भी नहीं छोड़ा सपना

UPSC की तैयारी के दौरान प्राची को लगातार तीन बार निराशा का सामना करना पड़ा। पहले तीनों प्रयासों में वह प्रारंभिक परीक्षा भी पास नहीं कर सकीं। हालांकि उन्होंने हार मानने के बजाय अपनी तैयारी की रणनीति बदली और कमजोरियों पर काम किया।

चौथे प्रयास में उन्होंने न सिर्फ प्रीलिम्स पास किया बल्कि मुख्य परीक्षा (Mains) और इंटरव्यू भी सफलतापूर्वक पास करते हुए देशभर में ऑल इंडिया रैंक 28 हासिल की।

BPSC में भी मिली सफलता

UPSC की तैयारी के दौरान प्राची ने 69वीं बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) परीक्षा भी पास की थी, जिसमें उनकी 92वीं रैंक आई थी। हालांकि उन्होंने BPSC की नौकरी जॉइन नहीं की क्योंकि उनका लक्ष्य केवल UPSC के जरिए IAS अधिकारी बनना था।

इंटरव्यू में पूछा गया आइसलैंड से जुड़ा सवाल

UPSC इंटरव्यू के दौरान प्राची से उनकी हॉबी 'ट्रैवलिंग' पर कई सवाल पूछे गए। बोर्ड ने उनसे पूछा कि यदि भारत के बाहर किसी एक देश में जाने का मौका मिले तो वह किस देश को चुनेंगी। इस पर उन्होंने आइसलैंड का नाम लिया।

इसके बाद उनसे पूछा गया कि आइसलैंड की कौन-सी तीन अच्छी व्यवस्थाएं वह मुजफ्फरपुर में लागू करना चाहेंगी। प्राची ने सतत विकास (Sustainable Development) और पर्यटन प्रबंधन (Tourism Management) से जुड़े सुझाव दिए, जिनसे इंटरव्यू बोर्ड काफी संतुष्ट नजर आया।

सोशल मीडिया से बनाई दूरी

प्राची का मानना है कि UPSC की तैयारी के दौरान फोकस सबसे जरूरी होता है। इसलिए उन्होंने पूरी तैयारी के दौरान सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखी। उन्होंने बताया कि वह व्हाट्सएप का भी इस्तेमाल नहीं करती थीं और केवल पढ़ाई से जुड़े जरूरी काम के लिए ही इंटरनेट का उपयोग करती थीं।

सेल्फ स्टडी को बताया सफलता की कुंजी

प्राची ने दिल्ली में कोचिंग जरूर की, लेकिन उनका मानना है कि UPSC जैसी परीक्षा में सफलता का सबसे बड़ा आधार सेल्फ स्टडी और नियमित रिवीजन है। उन्होंने कहा कि कोचिंग केवल दिशा दिखा सकती है, लेकिन सफलता अपनी मेहनत से ही मिलती है।

UPSC अभ्यर्थियों को दी खास सलाह

प्राची हनी (Prachi Honey) का कहना है कि कई छात्र तैयारी शुरू करने से पहले ही किताबें और नोट्स जुटाने में समय बर्बाद कर देते हैं। उनकी सलाह है कि सबसे पहले UPSC का पूरा सिलेबस अच्छी तरह समझें और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का विश्लेषण करें। जब तैयारी परीक्षा के पैटर्न के अनुसार होगी, तभी सफलता मिलने की संभावना बढ़ेगी।

प्राची हनी (Prachi Honey) की कहानी यह साबित करती है कि असफलता सफलता की राह में केवल एक पड़ाव है। अगर लक्ष्य स्पष्ट हो, रणनीति सही हो और मेहनत लगातार जारी रहे तो कोई भी सपना हकीकत बन सकता है।

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