उत्तराखण्ड में फंसे यात्रियों के परिजनों ने किया प्रदर्शन
उत्तराखण्ड में भारी बारिश से मची तबाई में अभी भी जिले के सैंकड़ो यात्री फंसे हुये हैं। प्रशासन के द्वारा उनको तुरन्त राहत देने की मांग को लेकर गुरूवार को केदारनाथ, रूद्रप्रयाग, जोशीमठ सहित कई क्षेत्रों मे फंसे यात्रियों के परिजन कलक्ट्री पहुंचे।
उत्तराखण्ड में भारी बारिश से मची तबाई में अभी भी जिले के सैंकड़ो यात्री फंसे हुये हैं। प्रशासन के द्वारा उनको तुरन्त राहत देने की मांग को लेकर गुरूवार को केदारनाथ, रूद्रप्रयाग, जोशीमठ सहित कई क्षेत्रों मे फंसे यात्रियों के परिजन कलक्ट्री पहुंचे।
कलेक्ट्री पहुंचकर परिजनों के द्वारा प्रशासन के उदासीन रवैये को लेकर जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। सैंकडो की संख्या मे जिले के वल्लभगनर तहसील के कानोड, भीण्डर, सिंहाड, खेरोदा, बांसी के लोग कलेक्ट्री पहुंचे और प्रदर्शन किया।
इस दौरान लोगों ने जिला कलेक्टर विकास एस. भाले से मिलने की मांग की। कलेक्टर के वहां पर न होने की वजह से लोग आक्रोशित हो गये और कलेक्ट्री के बाहर रोड जाम कर दिया, जिससे काफी समय तक यातयात बाधित रहा। काफी देर प्रदर्शन के बाद पुलिस उपाधीक्षक अनन्त कुमार ने लोगों से समझाइश कर मामले को शांत किया।

बाद में वल्लभनगर के पूर्व विधायाक रणधीर सिंह भींण्डर के नेतृत्व मे प्रतिनिधिमण्डल ने कलेक्टर से मुलाकात की। कलेक्टर से मुलाकात को दौरान परिजनों के द्वारा कलेक्टर से दो दिनों से किये जाने वाले प्रयासों को लेकर प्रश्न किये। लोगों के लिए जल्द से जल्द रेसक्यू आपरेशन कराने व पीडिटन को राहत देने की मांग की।
कलेक्टर विकास. एस भाले ने आपदा प्रबन्ध व कन्ट्रोल, जयपुर के प्रभारी कुलदीप रांका से फोन पर बात कर राहत कार्यों व रेस्कयू आंपरेशन के बारे में जानकारी ली। कलेक्टर के लोगों को जल्द सहायता दिलाने के आश्वासान के बाद परिजन लौटे।
परिजनों के द्वारा बताया गया कि 2 दिनों से उनके माता-पिता भुखे बैठे हैं और लगातार उनको फोन कर कुछ करने के लिये कह रहे हैं। मामले को लेकर मंगलवार को ही कलेक्टर से पीडितों की फोन पर बात भी करवाई गई थी, लेकिन अब तक उनको किसी भी प्रकार की सहायता नहीं देने से लोगों ने कलेक्टर पर पीडितों पर ध्यान नहीं देने कर आरोप लगाया है।
पीडित लोगों में सबसे ज्यादा मेवाड के चैबीसा समाज के लोग हैं, जिनमें से कुछ लोगों से ही सम्पर्क हो पाया है।
उत्तराखण्ड में मरने वालो की संख्या लगातार बढ रही है। हांलकि आधिकारिक बयान के आधार पर अब तक 150 लोगों की मौत हो चुकी है और 60 हजार से भी ज्यादा लोग लापता है। राजस्थान के करीब 2800 यात्री भी इसमे फंसे हुये हैं। राजस्थान के 200 से अधिक लोगों को रेस्कयू आपरेशन में सेना के द्वारा निकाला जा चुका है।
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