मेवाड़ के प्रसिद्ध हास्य कवि दाड़म चंद 'डाडम' का निधन

71 वर्ष की उम्र में निधन

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Dadam Chand Dadam

 

Udaipur Times, Udaipur News: 13 जुलाई 2026। मेवाड़ के सुप्रसिद्ध हास्य कवि दाड़म चंद 'डाडम' का सोमवार, 13 जुलाई 2026 को निधन हो गया। उनके निधन से मेवाड़ सहित पूरे राजस्थान के साहित्य और काव्य जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। वे लंबे समय से हास्य कविता के माध्यम से लोगों के चेहरों पर मुस्कान बिखेरते रहे और अपनी विशिष्ट शैली के कारण जन-जन के प्रिय कवि बने। Udaipur News

दाड़म चंद 'डाडम' का जन्म 21 सितंबर 1954 को उदयपुर जिले के बाठेडा कला गांव में हुआ था। उन्होंने अपनी शिक्षा उदयपुर में पूरी की और बाद में कृषि उपज मंडी समिति में सरकारी सेवा की। वर्ष 1980 में उनका स्थानांतरण चित्तौड़गढ़ हुआ, जहां से उनके काव्य जीवन की शुरुआत हुई। Udaipur News

उन्होंने हास्य कवि के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई और एक समय मेवाड़ के इकलौते प्रमुख हास्य कवि के रूप में प्रसिद्ध हुए। उनकी कविताओं से प्रेरणा लेकर अनेक युवा कवियों ने साहित्य की राह पकड़ी। Udaipur News

उनकी चर्चित ऑडियो कैसेट "दाड़म के दाने लगे हँसाने" को अभूतपूर्व लोकप्रियता मिली और इसकी लगभग 11 लाख प्रतियां बिकीं। यह उपलब्धि उस दौर में किसी भी क्षेत्रीय हास्य कवि के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। Udaipur News

दाड़म चंद 'डाडम' को देशभर के अनेक साहित्यिक मंचों पर काव्य रत्न, काव्य भूषण सहित कई प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित किया गया। मेवाड़ के साहित्यिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में उनका नाम बड़े सम्मान और आदर के साथ लिया जाता था। Udaipur News

वे अपने पीछे पत्नी सरोज, दो पुत्र कमलेश और जिनेश, पुत्री रेणु सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके निधन से साहित्य प्रेमियों और काव्य जगत ने एक ऐसी आवाज खो दी है, जिसने दशकों तक अपनी हास्य रचनाओं से समाज को हंसाया और सकारात्मक संदेश दिए।

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