जिंक स्मेल्टर देबारी एवं जावर माइंस द्वारा किसान दिवस का आयोजन

जिंक स्मेल्टर देबारी एवं जावर माइंस द्वारा किसान दिवस का आयोजन

कृषि विभाग द्वारा किसानों को मिलने वाले प्रोत्साहन राशी आदि की जानकारी दी
 
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हिन्दुस्तान जिंक एवं बायफ संस्था के सयुक्त तत्वाधान में समाधान परियोजना एवं घाटावाली माताजी फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी द्वारा घाटावाली माताजी देबारी पर किसान दिवस का आयोजन किया गया। जावर माइंस में जावर माता फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया गया।

देबारी में कार्यकम में मुख्य  तिथि डॉ सुधीर वर्मा परियोजना डायरेक्टर आत्मा कृषि विभाग ने सभी किसानों को कृषि विभाग की योजना जेसे तारबंदी, कृषि उपकरण, ड्रिप, मल्चिंग शीट, पोली हाउस, ग्रीन हाउस, आत्मा कृषि विभाग द्वारा किसानों को मिलने वाले प्रोत्साहन राशी आदि की जानकारी दी। 

वर्मा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए किसानों को हिन्दुस्तान जिंक की समाधान पहल का समर्थन करने के लिए प्रेरित किया, जो कई वर्षों से किसानों के साथ जमीनी स्तर पर काम कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि यदि अधिक से अधिक किसान अपने दूध का योगदान दें और पैदावार बढ़ाएं और इस प्रकार उत्पादन बढ़ाएं तो गौम डेयरी नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर सकती है।

देबारी पंचायत के चंदनसिंह देवड़ा ने भी एफपीओ और परियोजना के प्रयासों पर प्रकाश डाला, जिसके माध्यम से डेयरी ने इस वर्ष 50 लाख से अधिक का राजस्व अर्जित किया। बीआईएसएलडी के डॉ. अनुज दीक्षित ने भी किसानों को क्रमबद्ध वीर्य कृत्रिम गर्भाधान का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जो समाधान किसानों के लिए अत्यधिक रियायती दरों पर उपलब्ध है। 

कार्यक्रम में 100 से अधिक किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बिछड़ी गांव के धरमचंद, पूर्व सरपंच कमलसिंह, देबारी के चंदनसिंह, मटून पूर्व सरपंच ओकंांरसिंह, जिंक स्मेल्टर पंचायत से दूल्हेसिंह एवं देवरा उपसरपंच भी शामिल हुए। जिंक स्मेल्टर देबारी की सीएसआर प्रमुख अरूणा चीता,  बीआईएसएलडी समाधान परियोजना टीम देबारी क्लस्टर और सीएसआर टीम ने सक्रिय सहयोग दिया।

जावर में राजस्थान कृषि महाविद्यालय विभाग प्रमुख मृदा डाॅ सुभाषचंद्र मीणा ने मृदा स्वास्थय पर ध्यान देने का आव्हान किया साथ ही नई फसलों से आमदनी , सब्जी फलों की खेती के साथ उन्नत पशुपालन पर जोर दिया, खेती लाभ का सौदा बने अतः खेती बाड़ी मे जमीन की कीमत के सापेक्ष हिसाब किताब रख लाभ हानि का मूल्यांकन करने की सलाह देते हुए जैविक खेती अपनाने की जानकारी दी। 

पशुपालन विभाग के नोडल अधिकारी डाॅ राजेन्द्र डोरवाल ने कृत्रिम गर्भादान से पशुओ में नस्ल सुधार, बकरी पालन व्यवसाय, देसी मुर्गीपालन व् पशुओ में टीकाकरण व् डी वोर्मींग, पशुओ में मिनरल मिक्सचर के फायदे की जानकारी दी। 

सहायक कृषि अधिकारी जगदीश चंद्र ने जेविक खेती को बढ़ावा व् जेविक खेती से मरदा स्वास्थ्य के फायदे, साथ ही जीवामृत, पंचामृत व् गव्यम्रित से खेती में लाभ पर चर्चा व् किसान कि आय में खर्चा कम करके अधिक लाभ कमाना जेविक खेती के गुर बताएं। कार्यक्रम के दौरान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें किसानों ने कार्यक्रम में दी गई जानकारी से संबंधित सवालों के जवाब दिए और विजेता किसानों को पुरस्कृत किया गया।
 

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