किसान की बेटी प्राची ने UPSC में रचा इतिहास, एक नियम ने बदली तैयारी की दिशा
Udaipur Times, Success Story : मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के छोटे से गांव जौहद की रहने वाली प्राची चौहान ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा में AIR 260 हासिल कर अपने परिवार और गांव का नाम रोशन किया है। किसान परिवार से आने वाली प्राची का सफर उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं, और अंततः अपनी मंजिल को पा जस्ते है ऐसी ही कहानी मध्यप्रदेश की प्राची की है।
सरकारी स्कूल से शुरू हुआ था प्राची का सफर
प्राची ने बताया कि उनके पिता चंद्रभान सिंह चौहान किसान हैं और मां साधना सिंह गृहिणी हैं। पांच भाई-बहनों में सबसे बड़ी प्राची ने अपनी शुरुआती पढ़ाई गांव के सरकारी स्कूल से की। स्कूल में कई बार पेड़ के नीचे बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती थी और सुविधाएं भी सीमित थीं। कॉलेज के दौरान प्राची को UPSC के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। सरकारी कार्यालयों में जाने के दौरान उन्होंने कलेक्टर को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालते देखा और वहीं से IAS बनने का सपना शुरू हुआ।

आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों के बीच की तैयारी
परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर नहीं थी, इसलिए प्राची ने शुरुआत में सेल्फ-स्टडी और ऑनलाइन कोर्स के जरिए तैयारी की। सामाजिक दबाव भी उनके सामने बड़ी चुनौती रहा। जहां समाज में लड़की को पढ़ने लिखने के लिए लोगों से कई बार उनके माता- पिता को सुननी भी पड़ी वहीं प्राची ने कई बार असफलताओं का सामना किया और दो बार मेन्स तक पहुंचने के बावजूद सफलता नहीं मिली; मगर प्राची का हौसला नहीं टूटा। उनका कहना है कि पहले प्रयास में नर्वसनेस के चलते उनसे OMR शीट भरने में भी गलती हो गई थी। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी।

सही दिशा ने बदली तैयारी
लगातार असफलताओं के बाद प्राची दिल्ली आईं और बेहतर मार्गदर्शन के साथ अपनी तैयारी को नई दिशा दी। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी कमियों को पहचाना और उन पर काम किया।
प्राची के मुताबिक उनकी सफलता का सबसे बड़ा मंत्र मेहनत के साथ सही दिशा और मार्गदर्शन रहा जिसके चलत आज वे अपने सपने को अचीव कर पाई हैं । प्राची की माने तो केवल मेहनत करना काफी नहीं है, बल्कि यह भी जरूरी है कि मेहनत सही दिशा में हो। प्राची चौहान की कहानी बताती है कि सीमित संसाधन, आर्थिक परेशानी और सामाजिक दबाव भी मजबूत इरादे और लगातार प्रयास के सामने बड़ी बाधा नहीं बन सकते।
