किसान की IAS बेटी बनीं जिला कलेक्टर, जाने मिशा सिंह ने कैसे हासिल की सफलता ?

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किसान की IAS बेटी बनीं जिला कलेक्टर, जाने मिशा सिंह ने कैसे हासिल की सफलता ?

Udaipur Times, IAS Misha Singh Collector Shahdol : मध्य प्रदेश कैडर की 2016 बैच की IAS अधिकारी मिशा सिंह (Misha Singh) आज अपनी सशक्त प्रशासनिक शैली और ईमानदार कार्यशैली के लिए जानी जाती हैं। साधारण किसान परिवार से निकलकर जिला कलेक्टर बनने तक का उनका सफर लाखों UPSC अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा है। उन्होंने UPSC परीक्षा अपने तीसरे प्रयास में ऑल इंडिया रैंक 64 हासिल कर पास की थी।

किसान की IAS बेटी बनीं जिला कलेक्टर

तीसरे प्रयास में हासिल की UPSC में सफलता

3 अगस्त 1988 को जन्मीं मिशा सिंह ने बीए, एलएलबी और पीजी डिप्लोमा (ADR) की पढ़ाई की। कानून की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की। वर्ष 2015 की UPSC सिविल सेवा परीक्षा में उन्होंने 64वीं ऑल इंडिया रैंक हासिल कर IAS बनने का सपना पूरा किया।

करीब 10 सालों का प्रशासनिक अनुभव

मध्य प्रदेश कैडर की IAS अधिकारी मिशा सिंह ने अब तक कई अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं। वह रतलाम की जिला कलेक्टर और जबलपुर की अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (ADM) रह चुकी हैं। सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से लागू करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उनकी कार्यशैली की सराहना होती रही है।

राजनीतिक दबाव पर दिया था संतुलित जवाब

रतलाम की कलेक्टर रहते हुए जब मीडिया ने उनसे पूछा कि "जिला कलेक्टर राजनीतिक दबाव को कैसे संभालता है?" तो मिशा सिंह ने कहा कि इसे राजनीतिक दबाव कहना सही नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि सांसद और विधायक जनता के चुने हुए प्रतिनिधि होते हैं और वे अपने क्षेत्र के विकास तथा लोगों की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने का काम करते हैं। इसलिए उनकी बातों को केवल दबाव के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

किसान की IAS बेटी बनीं जिला कलेक्टर

'गलत काम के लिए ना कहने की ताकत होनी चाहिए'

मिशा सिंह का मानना है कि किसी भी कलेक्टर की पहचान उसकी कार्यशैली से बनती है। लोगों और जनप्रतिनिधियों को यह पता होता है कि अधिकारी सही और गलत के बीच कैसे निर्णय लेगा। उन्होंने कहा कि "सही काम के लिए कोई दबाव नहीं होता और गलत काम के लिए 'ना' कहने की ताकत हर अधिकारी में होनी चाहिए।"

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युवाओं के लिए बनीं प्रेरणा

किसान परिवार से निकलकर IAS बनने और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को ईमानदारी से निभाने वाली मिशा सिंह आज देशभर के युवाओं, खासकर UPSC की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उनकी सफलता यह साबित करती है कि मेहनत, धैर्य और स्पष्ट सोच के दम पर बड़े से बड़ा लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

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