किसानों को मिलेगा फायदा: राजस्थान में ब्लॉकचेन तकनीक से बीज कंपनियों का ऑनलाइन पंजीकरण शुरू
Udaipur Times, Rajasthan News: 16 जुलाई 2026। राज्य में अब ब्लाक चैन पावर से बीज कंपनियो का ऑनलाईन कॉंटेक्टलेस व फेसलेस पंजीयन शुरू हो रहा है। इसमें विभाग बीज किस्मों के पंजीकरण की पूरी प्रक्रिया को ही अब ऑन-लाईन कर रहा है इस हेतु सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग व आईआईटी, कानपुर के आईटी विशेषज्ञों की टीम राज किसान साथी टीम के साथ मिलकर काम कर रही है।
अब नई बीज किस्मों के विकास की पूरी प्रक्रिया को ब्लॉक चैन पावर साफ्टवेयर आधारित आन-लाईन कॉंटेक्टलेस व फेसलेस बनाया जा रहा है, जिससे निर्धारित प्रक्रिया की पूर्ण पालना कर कंपनी प्रतिनिधि कृषि विभाग में बिना व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए नई विकसीत की गई बीज किस्मों का पंजीकरण करवाऐंगे। इससे विभाग के समय व श्रम की बचत होगी।
ऑनलाईन प्रक्रिया कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अधीन कार्यरत केन्द्रीय बीज कमेटी / राज्य बीज सब कमेटी की परिचालन मार्गदर्शिका के अनुरूप समस्त मानकों को अपनाते हुए की जाने के कारण बीज कंपनियों द्वारा उन्नत बीज किस्मों का विकास व राज्य में पंजीकरण भी आसान होगा। अधिक उपज देने वाली बीज किस्में राज्य के किसानों को आसानी से उपलब्ध होगी।
इसी क्रम में बुधवार को कृषि आयुक्तालय में एक दिवसीय बीज किस्म पंजीकरण आमुखीकरण कार्यशाला रखी गई। इसमें कृषि विभाग द्वारा तैयार किये जा रहे नये ब्लॉक चैन पावर आधारित ऑनलाईन कॉंटेक्टलेस व फेसलेस बीज किस्म पंजीयन मॉड्यूल का नेशनल सीड एसोसियेशन ऑफ इंडिया, राजस्थान राज्य प्रमाणित बीज उत्पादक एशोसिएशन-श्रीगंगानगर, राजस्थान एग्रीकल्चर इनपुट डिलर्स एसोसियेशन, जयपुर व हाड़ोती बीज उत्पादक एसोसियेशन कोटा, राज्य के कृषि विश्वविद्यालयों, काजरी जोधपुर, बीज प्रमाणीकरण संस्था, बीज निगम, बीज प्रयोगशालाओं, उद्यान विभाग, विभिन्न मल्टी नेशनल व राज्य स्तरीय कंपनियों तथा विभागीय अधिकारी के समक्ष प्रस्तुतीकरण किया गया। इसमें 117 बीज विशेषज्ञों व प्रतिनिधियों ने भाग लिया। मॉड्यूल की सभी बीज संगठनों व विशेषज्ञों ने सराहना की। यह नया मॉड्यूल अगस्त माह से शुरू करना प्रस्तावित है।
नये मॉड्यूल के लागू होने से उन्नत बीज सरकारी अनुसंधान फॉर्मों व केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा पंजीकृत बीज अनुसंधान एवं विकास फार्मों पर बीज विशेषज्ञों व वैज्ञानिको की देखरेख में तैयार होगा। तैयार की गई उन्नत बीज किस्मों को राज्य के लिए अनुशंषित एवं नोटिफाई करवाने हेतु राज्य स्तरीय बीज सब कमेटी द्वारा केन्द्रीय बीज कमेटी को अनुशंषा भेजी जाकर अधिक नई बीज किस्मों को राज्य के लिए गजट नोटिफाईड करवाया जायेगा। इससे राज्य के किसानों को अधिक उपज देने वाली उन्नत किस्मों का बीज समय पर उचित दर पर प्राप्त होगा।
