फतेहसागर स्पीड बोट हादसा: देर रात मिली मासूम चहक की लाश
सोमवार शाम को हुए स्पीड बोट हादसे में लापता बच्ची की लाश मंगलवार देर रात करीब 12 बजे मेवाड़ दर्शन दीर्घा के सामने बंसियो पर बैठे युवाओ को तैरती दिखी। जिस पर युवाओ ने पानी में उतर कर शव को उठाया और पुलिस को इत्तला दी। बाद में शव को एम् बी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। चहक की लाश लाइफ जैकेट में लिपटी थी और गले पर चोट के निशान थे। सम्भवतया स्पीड बोट के मोटर बोट से टकराने पर बच्ची को गहरी चोट लगी थी।
सोमवार शाम को हुए स्पीड बोट हादसे में लापता बच्ची की लाश मंगलवार देर रात करीब 12 बजे मेवाड़ दर्शन दीर्घा के सामने बंसियो पर बैठे युवाओ को तैरती दिखी। जिस पर युवाओ ने पानी में उतर कर शव को उठाया और पुलिस को इत्तला दी। बाद में शव को एम् बी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। चहक की लाश लाइफ जैकेट में लिपटी थी और गले पर चोट के निशान थे। सम्भवतया स्पीड बोट के मोटर बोट से टकराने पर बच्ची को गहरी चोट लगी थी।
ऐसे चला रेस्क्यू ऑपरेशन

सोमवार शाम को हादसा होते ही गोताखोर छोटू हेला, अहसान मोहम्मद, गनी मोहम्मद और नूर भाई की टीम पानी में उतरी और देर रात 11 बजे तक सर्च ऑपरेशन चलाया लेकिन कामयाबी नहीं मिल पायी। उसके बाद मंगलवार को पुनः 7:30 बजे से दिन के 1 बजे तक टीम ने अपना अभियान जारी रखा लेकिन जिस जगह हादसा हुआ था वहां पर अत्यधिक मात्रा में जलीय घास होने पर सफलता नहीं मिल पायी, कुछ देर बाद 3 बजे से लेकर रात 11 बजे तक अंधेरे में भी गोताखोरों ने खूब प्रयास किया लेकिन शव नहीं निकल पाया। इस दौरान काफी दूरी तक पानी की तह में जाकर शव की तलाशी ली गई लेकिन नहीं मिला।

उधर अब तक लाश न मिलने से परिजनों का बुरा हाल था। चहक की मां दीपिका को अभी तक बेटी की हालत के बारे में नहीं बताया गया। दीपिका बार-बार अपनी बेटी चहक के बारे में पूछ रही है और रो-रोकर उसका बुरा हाल है। हादसे के बाद से मां ने अब तक पलक नहीं झपकाई तो पिता निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती है। सिर में गहरी चोट लगने से वह अचेतावस्था में है।
हादसे में घायल हुए विद्याधर सैनी की हालत नाजुक बनी हुई है। उन्हेंं वेंटीलेटर पर रखा गया है। गीतांजली हॉस्पिटल के न्यूरोसर्जन डॉ. उदय भोमिक ने बताया कि वे कोमा में हैं। दिमाग के अंदरूनी हिस्से में गंभीर चोट है और फेफड़ों में गंदा पानी भर गया। विद्याधर के बड़े भाई ओमप्रकाश और दीपिका के ससुराल से परिजन उन्हें संभालने पहुंचे हैं। यहीं भर्ती दूसरे परिवार में घायल सुमित शर्मा की नाक की हड्डी का इलाज किया गया। सुमित को अभी बोलने में दिक्कत है। बोलने पर उनकी नाम से रक्त बहना नहीं रुक रहा। सुमित के पिता रमेश और भाई मनोज शर्मा सुबह उदयपुर पहुंचे। मनोज ने बताया कि डॉक्टर सलाह अनुसार सुमित को तरल पदार्थ दिया जा रहा है। सुमित के जबड़े में भी मामूली चोट आई है। वे सुबह जयपुर जाएंगे।
ऐसे हुआ था हादसा
आरटीडीसी के ठेकेदार के उपलब्ध करवाए सीसीटीवी वीडियो फुटेज से साफ हो रहा है कि सोमवार शाम 4 बजकर 21 मिनट और 56 सेकंड पर आरटीडीसी के ठेकेदार की 20 सीटर मोटर बोट सिंघल हाउस छोर की तरफ से हलका टर्न लेकर मोती मगरी मेन गेट के सामने बोटिंग स्टैंड की तरफ बढ़ रही थी। 4 बजकर 22 मिनट और 42 सेकंड पर स्पीड बोट नजर आती है जो तेज गति से आगे बढ़ते हुए 4 बजकर 23 मिनट पर माेटर बोट को पीछे से जोरदार टक्कर मारते हुए आगे निकल गई।
सीसीटीवी और घटना स्थल के बीच की दूरी ज्यादा होने से फुटेज थोड़ा धुंधला जरूर नजर आ रहा है लेकिन इसमें यह दिख रहा है कि मोटर बोट बीच में बंद नहीं हुई थी बल्कि, स्पीड बोट चालक ने माेटर बोट के बहुत पास आकर नियंत्रण खो दिया और हादसा हो गया। घटना के दिन सोमवार को स्पीड बोट संचालक मोहम्मद मोहसीन ने कहा था कि स्पीड बोट करीब 40 की गति से चल रही थी। मोटर बोट के बीच में बंद होकर रुक जाने से उसने मोटर बोट को बचाने की कोशिश की, मगर स्पीड बोट मोटर बोट से टकरा गई।

Photo Source: Dainik Bhaskar
