नागरिको के स्वास्थ्य पर प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष गंभीर दुष्प्रभावो की आशंका
पिछोला के सड़ांध मारते बारीघाट व चांदपोल क्षैत्र से चांदपोल नागरिक समिति, झील संरक्षण समिति व डॉ मोहन सिंह मेहता मेमोरियल ट्रस्ट के सयुक्त तत्वावधान में झील से मृत पक्षी, अवैध जलो में फसकर मरी मछलिया,पशु मांस से भरे थैले,घरेलू कचरा,शराब व प्लास्टिक की बोतले,नारियल,पोलिथिन व जलीय घास निकाली गय
पिछोला के सड़ांध मारते बारीघाट व चांदपोल क्षैत्र से चांदपोल नागरिक समिति, झील संरक्षण समिति व डॉ मोहन सिंह मेहता मेमोरियल ट्रस्ट के सयुक्त तत्वावधान में झील से मृत पक्षी, अवैध जलो में फसकर मरी मछलिया,पशु मांस से भरे थैले,घरेलू कचरा,शराब व प्लास्टिक की बोतले, नारियल, पोलिथिन व जलीय घास निकाली गयी।
श्रमदान में अम्बालाल नकवाल,रामलाल, कुलदीपक पालीवाल, कमलेश पुरोहित, प्रकाश तिवारी,पंकज कुमावत ,तेजशंकर पालीवाल, अनिल मेहता , नन्द किशोर शर्मा ने भाग लिया।
श्रमदान पश्चात हुए संवाद में झीलों के प्रति प्रशासन व नागरिको द्वारा बरती जा रही अनदेखी पर चिंता व्यक्त की गयी। अनिल मेहता, तेज शंकर पालीवाल व नन्द किशोर शर्मा ने कहा कि जानवरो के मांस,मलमूत्र,तथा मृत पशु-पक्षियों के झील में विशर्जन से झीलों के पानी में ऐसे सूक्ष्म प्रदूषक तत्व मिल रहे है जिन्हे मौजूदा फिल्टर प्लांट साफ़ नहीं कर सकते है।
ऐसे में झीलों से आपूर्ति किये जा रहे पेयजल से नागरिको के स्वास्थ्य पर प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष गंभीर दुष्प्रभावो की आशंका डर पैदा करती है। इस गंभीर खतरे से बचने के लिए नागरिको व प्रशासन को मिलकर पहल करनी होगी।