महिलाओं के संघर्षमय जीवन की सच्ची कहानियों पर बन रही फिल्म
भारतीय महिलाओं का जीवन संघर्षमय रहता है और संघर्षमय जीवन में कभी-कभी ऐसी बातें निकल आती है जिन पर फिल्मों तक का निर्माण संभव हो जाता
भारतीय महिलाओं का जीवन संघर्षमय रहता है और संघर्षमय जीवन में कभी-कभी ऐसी बातें निकल आती है जिन पर फिल्मों तक का निर्माण संभव हो जाता है। देश की ऐसी कुछ चुनिन्दा संघर्ष करने वलाी महिलाओं की सच्ची कहानियों को लेकर फिल्म का निर्माण किया जा रहा है जिसे निर्माण होने के बाद देश एवं विदेशों में भी रिलीज के लिये भेजा जायेगा।
आइलोला एन्टरटेनमेन्ट के बैनर तले बनने वाली अनाम फिल्म के निर्देशक गुड़गांव के किशन श्रीवास्तव ने बताया कि इस फिल्म की शूटिंग उदयपुर, राजस्थान एवं लंदन में भी होगी। उदयपुर में इसकी शूटिंग मई में होगी जिनमें उदयपुर की प्रिया सचदेव की कहानी को शामिल किया जायेगा।
उन्होेंने बताया कि इस सामाजिक फिल्म में फिल्म निर्माण की एक नयी विचारधारा के साथ ये युवा पीढ़ी के दो प्रतिनिधि महिलाओं के संघर्षपूर्ण जीवन और उनकी उपलब्धियों को फिल्म के जरिये दिखाया जायेगा। किशन श्रीवास्तव भारत के पहले राष्ट्रपति (डॉ राजेंद्र प्रसाद) के आध्यात्मिक गुरु के पोते हैं और प्रिया सचदेव जो राजस्थान की महिला सशक्तिकरण की मिसाल है।
श्रीवास्तव का का मानना है कि फिल्मो का हमारे समाज पर गहरा प्रभाव पड़ता है और ये एक सशक्त माध्यम है लोगों तक अपनी बात पहुंचानें और बदलाव लाने का। इनका कहना है हमें बचपन में रानी लक्ष्मीबाई की कहानी सुनाई जाती थी जिससे हमें बुराइओं से लड़ने की प्रेरणा मिलती थी लेकिन आज कल हमें केवल महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों के बारे में ही सुननें को मिलता है जिससे हर जगह एक डर का माहौल बन गया है, इसी वजह से उन्होंने निश्चय किया है कि बिना किसी निजी स्वार्थ के ये महिलाओं की वीरगाथा को अपने फिल्मों के जरिये जो कि आइलोला एन्टरटेन्मेन्ट के अंतर्गत बनेगी।
