नववर्ष पर नही हो झील क्षेत्र में पटाखे व आतिशबाजी
नव वर्ष समारोहों में झील क्षेत्र में आतिशबाजी व पटाखों पर नियंत्रण के लिए झील प्रेमियों ने प्रशासन से आग्रह किया है। रविवारीय झील श्रमदान व संवाद कार्यक्रम में डॉ अनिल मेहता तथा तेज शंकर पालीवाल ने कहा कि झील क्षेत्र में कई देशी प्रवासी है। पटाखे व आतिशबाजी उनके लिए जानलेवा है।

नव वर्ष समारोहों में झील क्षेत्र में आतिशबाजी व पटाखों पर नियंत्रण के लिए झील प्रेमियों ने प्रशासन से आग्रह किया है। रविवारीय झील श्रमदान व संवाद कार्यक्रम में डॉ अनिल मेहता तथा तेज शंकर पालीवाल ने कहा कि झील क्षेत्र में कई देशी प्रवासी है। पटाखे व आतिशबाजी उनके लिए जानलेवा है।
नंद किशोर शर्मा व पल्लब दत्ता ने कहा कि पटाखों से झील में प्रदूषण बढ़ता है। झील क्षेत्र एवं झील के किनारे लगे होटलों को आतिशबाज़ी जैसे आयोजनों से परहेज करना चाहिए।
दिगम्बर सिंह तथा कुशल रावल ने कहा कि प्रशासन सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार पटाखों पर नियंत्रण करे। इस अवसर पर झील प्रेमियों डॉ अनिल मेहता, तेजशंकर पालीवाल, नन्द किशोर शर्मा, पल्लब दत्ता, दिगंबर सिंह और कुशल रावल ने श्रमदान कर फतहसागर झील से पॉलीथिन व विभिन्न प्रकार के कचरे व गंदगी को झील से बाहर निकाला।
