हरियाणा में फूलों की खेती से किसान की बदली किस्मत, एक एकड़ से अब हो रही लाखों में कमाई

 | 
हरियाणा में फूलों की खेती से किसान की बदली किस्मत, एक एकड़ से अब हो रही लाखों में कमाई 

Udaipur Times, Haryana News, फतेहाबाद : हरियाणा में फूलों की खेती से किसान की किस्मत पूरी तरह से बदल गई है। परंपरागत फसलों के साथ जिले के किसानों का रुझान फूलों की खेती की ओर भी बढ़ रहा है। गेंदा किसानों के लिए कम लागत में अच्छा मुनाफा देने वाली खेती बन रही है। 

एक एकड़ में करीब 30 हजार रुपये की लागत के बाद किसानों को डेढ़ लाख से पौने दो लाख रुपये तक की कमाई हो रही है। शादी-विवाह, स्वागत समारोह और धार्मिक कार्यक्रमों में गेंदा फूल की मांग अधिक रहती है। किसान स्थानीय मंडियों के अलावा फतेहाबाद, सिरसा और हिसार में भी फूल बेच रहे हैं। Haryana News

गांव झलकिया के किसान रामगोपाल पिछले 18 साल से गेंदा फूल की खेती कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक एकड़ में बिजाई, निराई, गोड़ाई, तोड़ाई, खाद और कीटनाशक पर मिलाकर करीब 30 हजार रुपये लागत आती है। जो किसान खुद बीज तैयार करते हैं उनकी लागत करीब 10 हजार रुपये प्रति एकड़ तक कम हो जाती है। एक एकड़ में 15 से 18 क्विंटल तक उत्पादन हो जाता है। बाजार में फूल का औसत भाव 70 से 180 रुपये किलो तक मिल जाता है। उनका कहना है कि फूलों की खेती में लागत कम होने के साथ मुनाफे की संभावना अधिक रहती है। गेंदे की फसल में बीमारी भी कम आती है। Haryana News

सितंबर के अंत से अक्तूबर की शुरुआत तक गेंदा की बिजाई के लिए उपयुक्त समय माना जाता है। 70 दिन में फसल तैयार हो जाती है। दिसंबर के मध्य से फूलों की तोड़ाई शुरू हो जाती है जो मार्च के अंत तक चल सकती है। इस अवधि में बाजार में फूलों की मांग बनी रहने से किसानों को लगातार आमदनी का अवसर मिलता है। उचित किस्म का चयन, समय पर सिंचाई, खाद और कीट प्रबंधन से किसान बेहतर उत्पादन ले सकते हैं। Haryana News

70 दिन में तैयार हो जाती है फसल

फूलों की खेती किसानों के लिए अच्छा मुनाफा देने वाली फसल है। विभाग की ओर से किसानों को समय-समय पर खेती संबंधी उचित सलाह दी जाती है। - डॉ. राजेश स्वामी, जिला उद्यान अधिकारी, फतेहाबाद

लड्डू कोलकाता और गेंदा जाफरी की खेती

रामगोपाल ने बताया कि जिले में किसान मुख्य रूप से जाफरी और लड्डू कोलकाता गेंदा की खेती करते हैं। जाफरी गेंदा में पीले, नारंगी और लाल रंग के फूल होते हैं, जबकि लड्डू गेंदा में पीले और नारंगी रंग के फूल आते हैं। लड्डू गेंदा के फूल आकार में बड़े होते हैं और साज-सज्जा के लिए मांग अधिक रहती है। Haryana News

जाफरी गेंदा का भाव 60 से 100 रुपये किलो और लड्डू गेंदा का 60 से 200 रुपये किलो तक रहता है। दोनों की बिजाई लागत में भी अंतर है। एक एकड़ में जाफरी गेंदा की बिजाई पर करीब आठ हजार रुपये, जबकि लड्डू गेंदा पर करीब 15 हजार रुपये खर्च आता है।

Follow UdaipurTimes on Facebook , Instagram , and Google News