पक्की सड़क की मांग को लेकर हुई वनकर्मियों की पिटाई
कोटड़ा में वन मंत्री गजेंद्रसिंह खींवसर के दौरे से पहले इलाके का जायजा लेने गए वन विभाग के एक रेंजर और चार वन कर्मियों को सोनाघाटी में आदिवासियों ने बंधक बना लिया और सड़क बनाने की मांग को लेकर 5 घंटे तक मारपीट करते रहे। फिर लिखित में आश्वासन देने के बाद आदिवासियों ने उन्हें छोड़ा।
कोटड़ा में वन मंत्री गजेंद्रसिंह खींवसर के दौरे से पहले इलाके का जायजा लेने गए वन विभाग के एक रेंजर और चार वन कर्मियों को सोनाघाटी में आदिवासियों ने बंधक बना लिया और सड़क बनाने की मांग को लेकर 5 घंटे तक मारपीट करते रहे। फिर लिखित में आश्वासन देने के बाद आदिवासियों ने उन्हें छोड़ा।
इस कदम की इतनी दहशत रही कि मंत्री गजेंद्रसिंह खींवसर का प्रशासन ने रूट बदल दिया। वन मंत्री के तय कार्यक्रम के चलते पानरवा रेंजर गणेशीलाल, फोरेस्टर लालसिंह, वन रक्षक प्रकाश गमार, विष्णु और एक अन्य कर्मचारी जीप में रास्ते का निरीक्षण करने के लिए लोहारी मार्ग से सोना घाटी तक गए थे। दोपहर 2 बजे से बंधक बने वनकर्मियों को करीब शाम सात बजे समझौता लिखवाने के बाद छोड़ा गया। शैतान सिंह ने पानरवा थानाधिकारी को सूचना दी। एसपी ने कोटड़ा थाना पुलिस को मौके पर रवाना किया। रेंजर गणेशीलाल ने राजकार्य में बाधा पहुंचाने का मामला पानरवा थाने में दर्ज करवाया है।
वन मंत्री का गुरुवार को कार्यक्रम था। इसलिए वन अधिकारी दल के साथ निरीक्षण करने गए थे। ग्रामीणों ने पक्की सड़क बनाने की मांग को लेकर उन्हें बंधक बना लिया।
Source: Dainik Bhaskar
