हरियाणा में पूर्व तहसीलदार राजबख्श पर चलेगा मनी लॉन्ड्रिंग केस, जाने पूरा मामला ?
Udaipur Times, Haryana News : हरियाणा से बड़ी खबर सामने आ रही है। हरियाणा के करनाल में अवैध कॉलोनियों में प्लॉटों की एनओसी-रजिस्ट्री के बदले रिश्वत मामले में गिरफ्तार पूर्व तहसीलदार राजबख्श पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस चलेगा। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने राजबख्श के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति दी है। सीबीआई ने इसे कोर्ट में दाखिल कर दिया है। डॉ. मिश्रा को गवाहों की सूची में शामिल करने की अर्जी भी मंजूर हो चुकी है।
इसी मामले में आरोपी तत्कालीन डीटीपी विक्रम कुमार के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति अभी लंबित है। दोनों पर अवैध कमाई से संपत्ति बनाने का आरोप है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने करोड़ों की संपत्ति जब्त की थी।
₹5 लाख की रिश्वत से खुला था मामला, ₹4.59 करोड़ की संपत्ति जब्त की थी
11 मार्च 2022 को विजिलेंस ने एनओसी जारी करने के बदले 5 लाख रुपए रिश्वत लेते डीटीपी विक्रम कुमार और उसके ड्राइवर बलवीर को गिरफ्तार किया था। इसके बाद 15 मार्च 2022 को तहसीलदार राजबख्श को गिरफ्तार किया गया। डीटीपी के घर से करीब 85 लाख रुपए नकद मिले थे। इनमें 14.50 लाख रुपए तहसीलदार से मिले रिश्वत के पैसे बताए गए। बाद में ईडी ने दोनों के खिलाफ धन-शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की। ईडी ने डीटीपी व तहसीलदार के ठिकानों पर छापेमारी कर 4.59 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्ति अस्थायी रूप से जब्त की थी। इसमें से 3.75 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति अवैध कमाई से खरीदी हुई बताई गई थी।
कोर्ट में ईडी ने फरवरी में चार्जशीट दाखिल की थी
ईडी ने इसी साल फरवरी में पंचकूला की स्पेशल पीएमएलए कोर्ट में राजबख्श और विक्रम कुमार के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। अभियोजन स्वीकृति नहीं होने के कारण आरोप तय नहीं हुए थे।