निशुल्क न्यूरोथेरेपी शिविर 4 व 5 जनवरी को

ऐंजल गुरू सेवा संस्थान द्वारा शनिवार 4 एवं रविवार 5 जनवरी को निशुल्क न्यूरोथेरेपी शिविर का आयोजन मकान नं. 74 अशोकनगर रोड़ नं. 3 पर स्थित आशीर्वाद न्यूरोथेरेपी सेंटर पर किया गया।

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ऐंजल गुरू सेवा संस्थान द्वारा शनिवार 4 एवं रविवार 5 जनवरी को निशुल्क न्यूरोथेरेपी शिविर का आयोजन मकान नं. 74 अशोकनगर रोड़ नं. 3 पर स्थित आशीर्वाद न्यूरोथेरेपी सेंटर पर किया जाएगा।

शुक्रवार को आयोजित प्रेसवार्ता में मुम्बई की विख्यात न्यूरोथेरेपिस्ट डॉ. कमलेश चव्हाण ने बताया कि न्यूरोथेरेपी चिकित्सा की एक पद्धति है जो प्रचीन वैज्ञानिक पद्धति पर आधारित है। इस चिकित्सा द्वारा रोगी को न केवल बीमारी से छुटकारा मिलता है अपितु उसका सम्पूर्ण शरीर स्वस्थ एवं निरोगी हो जाता है जिससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है।

उन्होंने बताया कि मानव शरीर की ग्रंथियां अम्ल, अलकलिन, अलग-अलग हार्मोंस रसायन द्वारा खुद ही शरीर की देखभाल करते हैं। यदि कभी कोई ग्रंथी ठीक से कार्य न करें या उसकी वजह से खराबी आ जाए तो बीमारी आ जाती है। मानव शरीर स्वयं में इतना सबल है कि रोग दूर कर सकता है परन्तु वर्तमान समय की अनियमित जीवन शैली ने रोग प्रतिरोधक शक्ति को कम कर दिया है।

आशीर्वाद न्यूरोथेरेपी सेंटर के संचालक न्यूरोथेरेपिस्ट सुनील वर्मा ने बताया कि इस निशुल्क शिविर में सर्दी, जुकाम, कफ, बुखार, कमर दर्द, मनके का खिसकना, जोड़ो  का दर्द, गर्दन का अकडऩा, अस्थमा, मधुमेह, लकवा, ब्लड प्रेशर, हार्ट, किडनी, मोटर न्यूरोन पाकिन्सन, मस्क्यूलर डायस्ट्राफी, मोतियाबिंद, पेट-कान-सिर दर्द, बावासीर और केंसर जैसी बीमारियों का इलाज किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि न्यूरोथेरेपी बहुत आसान पद्धति है, कोई भी इलाज करवा सकता है। इसके लाभ मरीज के विश्वास और उपचार की नियमितता पर आधारित है।

उन्होंने बताया कि बीमारी में रोगी जो केमिकल दवाइयां बाहर से लेते हैं, वो इस थेरेपी द्वारा नसों में रक्त संचार द्वारा बीमारी से संबंधित ग्रंथि को उकसाकर उस बीमारी से संबंधित  द्रव्य (हारमोन, केमिकल) शरीर में बनने लगता है व रोग जड़ से खत्म होने लगता है। इस चिकित्सा में शरीर के विभिन्न अंगों पर दबाव डालकर रोगी को अधिकाधिक फायदा दिया जाता है।

इस चिकित्सा का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता। न्यूरोथेरेपी दवा रहित इलाज करती है। शरीर की आंतरिक प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाकर स्वस्थ रहने में मदद करती है। इसके द्वारा शरीर की विभिन्न ग्रंथियां बीमारी से लडऩे के लिए स्वयं प्रतिरोधी रसायन बनाती है। न्यरोथेरेपी सिर्फ बीमारी के लक्षण पर ध्यान नहीं देता बल्कि उसके मूल कारणों को दूर करती है। इससे बीमारी जड़ से खत्म हो जाती है।

प्रेसवार्ता में न्यूरोथेरेपिस्ट करण वर्मा, दिलीप वर्मा, राजेन्द्र वर्मा, राजवीर सिंह, संदीप कुमार, संदीप वर्मा, सुरेश कुमार, हरदीप सिंह, सोहन कांटीवाल, हुमा खानम एवं रतन वर्मा भी उपस्थित थे।

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