स्वतंत्रता सेनानी अवध विहारी वाजपेयी की राजकीय सम्मान से अन्त्येष्टि

1942 के स्वतंत्रता आंदोलन में 15 वर्ष की उम्र में सक्रिय रूप से भागीदारी करने एवं लगभग दो सप्ताह तक जेल में रहने व

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स्वतंत्रता सेनानी अवध विहारी वाजपेयी की राजकीय सम्मान से अन्त्येष्टि1942 के स्वतंत्रता आंदोलन में 15 वर्ष की उम्र में सक्रिय रूप से भागीदारी करने एवं लगभग दो सप्ताह तक जेल में रहने वाले पंडित अवध विहारी वाजपेयी का शनिवार देर रात उदयपुर स्थित उनके निवास पर निधन हो गया।

शहर के अशोक नगर स्थित मोक्षधाम पर पूर्ण राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार किया गया। मोक्ष धाम पर राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त जिला कलक्टर मोहम्मद यासीन पठान ने पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्वांजली दी।

स्वतंत्रता सेनानी अवध विहारी वाजपेयी की राजकीय सम्मान से अन्त्येष्टि

इस मौके पर पुलिस के सशस्त्र जवानों ने फायर किया और मातमी धुन बजाकर अंतिम विदाई दी। उनके ज्येष्ठ पुत्र ने मुखाग्नि दी।

उनकी शवयात्रा प्रात: उनके निवास स्थान भूपालपुरा से निकली जो शहर के प्रमुख मार्ग से होती हुई अशोक नगर मोक्षधाम पहुंची।

अंतिम यात्रा के दौरान शहरवासियों एवं गणमान्य नागरिकों ने स्वर्गीय वाजपेयी को जगह-जगह पुष्पांजली अर्पित की। मोक्षधाम पर पूर्व विधायक त्रिलोक पूर्बिया सहित गणमान्य नागरिको ने श्रद्वांजली अर्पित की।

जीवन परिचय :- पंडित अवध विहारी वाजपेयी का जन्म 9 नवम्बर 1926 ऊंटाला (वल्लभनगर) उदयपुर में श्री रमादेव वाजपेयी के यहॉ हुआ।

1942 के स्वतंत्रता आंदोलन में 15 वर्षीय किशोर अवध विहारी ने सक्रिय रूप से भाग लिया और करीब दो सप्ताह तक जेल में रहे।

उस समय वे उदयपुर के इंटर कॉलेज में कक्षा 10 में अध्ययनरत थे। वे दूसरी बार पुन: स्वतंत्रता आंदोलन की प्रचार सामग्री बांटने के आरोप में करीब 1 माह तक जेल में रहे।

वे अपने पीछे पत्नी श्रीमती कमला देवी, दो भाई, तीन पुत्र एवं एक पुत्री सहित भरापूरा परिवार छोड गए है।

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