स्वतंत्रता सेनानी भोजराज मूलचन्दानी का निधन
1942 के भारत छोडो आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लेने वाले 92 वर्षीय भोजराज मूलचन्दानी का शुक्रवार को उनके उदयपुर के प्रतापनगर स्थित निवास पर निधन हो गया। आज प्रतापनगर स्थित शमशान घाट पर राजकीय सम्मान से अन्त्येष्टि की गई। उनके पुत्र लक्ष्मण दास ने मुखाग्नि दी।
1942 के भारत छोडो आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लेने वाले 92 वर्षीय भोजराज मूलचन्दानी का शुक्रवार को उनके उदयपुर के प्रतापनगर स्थित निवास पर निधन हो गया। आज प्रतापनगर स्थित शमशान घाट पर राजकीय सम्मान से अन्त्येष्टि की गई। उनके पुत्र लक्ष्मण दास ने मुखाग्नि दी।
जीवन परिचय :- श्री भोजराज मूलचन्दानी का जन्म 1922 में जिला नवाब शाह सिन्ध में हुआ था। वर्ष 1940 से 1947 तक गांधी आश्रम के सेक्रेटरी के पद पर रहकर कार्य किया। 1942 के भारत छोडो आंदोलन में सक्रिय भाग लिया।
1942 में तोडफोड एवं जुलूस निकालने के अभियोग में दो बार जेल गये। वे 1976 में डूंगरपुर नगर पालिका के सदस्य भी रहे। शमशान घाट पर मातमी धुन के साथ अंतिम सलामी दी गई।
इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारियों सहित शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।