सहेलियों की बाड़ी में गवरी
मेवाड़ के पारम्परिक जनजाति लोक नृत्य नाट्य ’’गवरी’’ को विशिष्ट पहचान दिलाने के उद्देश्य से जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग, उदयपुर एवं माणिक्य लाल वर्मा आदिम जाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान के तत्वावधान में मंगलवार को सहेलियों की बाड़ी में टीडी क्षेत्र के अमरपुरा गॉव के गवरी कलाकारों ने गवरी का आयोजन किया गया।
मेवाड़ के पारम्परिक जनजाति लोक नृत्य नाट्य ’’गवरी’’ को विशिष्ट पहचान दिलाने के उद्देश्य से जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग, उदयपुर एवं माणिक्य लाल वर्मा आदिम जाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान के तत्वावधान में मंगलवार को सहेलियों की बाड़ी में टीडी क्षेत्र के अमरपुरा गॉव के गवरी कलाकारों ने गवरी का आयोजन किया गया।
टीआरआई निदेशक बाबूलाल कटारा ने बताया कि विभाग की ओर से आयोजित इस गवरी कार्यक्रम में आमजन के साथ पर्यटकों में खासा उत्साह देखा गया। कार्यक्रम स्थल पर गवरी से संबंधित जानकारी हेतु विशेष स्टॉल लगाई गई। इसी क्रम में बुधवार 13 सितम्बर को सहेलियों की बाड़ी में गोगुन्दा के मजाम गांव की गवरी रमी जायेगी।