ईंट भट्ठों पर काम करने से लेकर IAS बनने का सफर, शादी के 17 साल बाद क्रैक किया UPSC एग्जाम
Udaipur Times, Success Story of Ganpat Krishna Yadav : अगर आप सच्ची लगन और परिश्रम करते हैं तो सपने देखनी की कोई निर्धारित उम्र नहीं होती है। आप जिंदगी के किसी भी पड़ाव में अपने सपने को साकार कर सकते हैं। आज एक ऐसी ही कहानी हम आपके सामने पेश करने जा रहे हैं जो गणपत कृष्णा यादव की है। इन्होंने आर्थिक तंगी के कारण ऊंटगाड़ी पर ईंटें ढोने का काम किया लेकिन हौसले मजबूत रखे।
उनकी जिंदगी में एक ऐसा भी समय आया जब लोगों की बातें और ताने सुनकर गांव में घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया था। पत्नी, बच्चे और घर-परिवार की जिम्मेदारियों को संभालने के साथ-साथ उन्होंने एक सपना देखा। वो सपना था UPSC एग्जाम क्लियर करने का। आखिरकार शादी के 17 सालों के बाद वह अफसर बने आज उनकी कहानी युवाओं के लिए एक मिसाल है। Success Story
किसी भी हालात में ऊंटगाड़ी पर ईंटें ढ़ोने का काम किया
अपने संघर्ष की कहानी के बारें में बताते हुए गणपत कृष्णा यादव ने कहा कि उनके घर में कोई पढ़ा-लिखा नहीं था। उनकी पीढ़ी से ही पढ़ाई-लिखाई शुरुआत हुई है। उनके पिता ईंट के भट्ठों पर काम करने जाते थे तो वह भी उनके साथ जाते थे। किसी भी हालात में ऊंट गाड़ी पर ईंट ढोने के काम करते थे। पढ़ाई के साथ-साथ वह ये काम करते थे। उनके परिवार के लगभग सभी बच्चे अलग-अलग काम करते थे।
10वीं पास करते ही परिवारवालों ने करवा दी शादी
गणपत कृष्णा यादव ने बताया कि सरकारी स्कूल से पढ़ाई करते हुए उन्होंने 10वीं की परीक्षा में अच्छे अंक हासिल किए थे। कुछ दिनों बाद ही उनके पिता ने गणपत की शादी करवा दी। लेकिन शादी के बाद भी उन्होंने अपनी पढ़ाई को जारी रखा। Success Story
गणपत ने बताया कि जिंदगी में एक ऐसा भी वक्त आया जब वह खेती के साथ अपने भाई के कोचिंग इंस्टीट्यूट जाना शुरू कर दिया था। हालांकि, उनके गांव के लोगों ने जानबूझकर सवाल पूछकर परेशान करना शुरू कर दिया। उनका गांव में निकलना मुश्किल हो गया था। जबरदस्ती घरवालों से भी सवाल-जवाब करने लगते और यही वजह थी कि लोगों ने उनसे ठीक से बात भी करना बंद कर दिया था।
UPSC एग्जाम में 5 बार असफल होने के बाद भी नहीं मानी हार
गणपत कृष्णा यादव ने अपनी पढ़ाई जारी रखी। पहले प्रयास में जीएस में कम नंबर थे और दूसरे प्रयास में वह फेल हो गए। वह फोकस नहीं कर पा रहे थे और असफलता मिली। वह UPSC के एग्जाम में 5 बार फेल हुए लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। Success Story
इंजीनियर की जॉब छोड़कर वापस आ गए गांव
12वीं के बाद इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद उनकी जाॅब लग गई। वह अपने घर पर रुपये भेजने लगे। अपने परिवार और बेटी की जिम्मेदारी निभाते हुए अचानक उन्होंने नौकरी छोड़ने का फैसला कर लिया। वापस गांव आ गए और जैविक खेती शुरू कर दी। हालांकि, यह फैसला कठिन था लेकिन अपनों सपनों के लिए उन्होंने ऐसा फैसला कर लिया।
शादी के 17 सालों के बाद UPSC के 6वें प्रयास में सफलता लगी हाथ
बार-बार असफलताओं और तैयारी के बीच गणपत की बेटियां बड़ी हो गई थीं। इसके बाद वह जयपुर गए और वहां से तैयारी की। सिलेबस पूरा करने के बाद माॅक टेस्ट और टाॅपर्स स्ट्रैटेजी पर फोकस किया। Success Story
2022 में शादी के 17 बाद उन्होंने अपने छठे प्रयास में UPSC की परीक्षा क्रैक की और फिर बन गए। उनकी ज्वाइनिंग इंडियन रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स सर्विस (IRPFS) में असिस्टेंट सेक्योरिटी कमिश्नर (ASC) के तौर पर हुई थी, जो ग्रुप-A राजपत्रित अधिकारी (Gazetted Officer) रैंक होती है।
