गजेंद्र छापरवाल हत्याकांड: तीन आरोपियों ने चित्तौड़ में किया सरेंडर
उदयपुर शहर में शनिवार शाम को हुए गजेंद्र छापरवाल नामक युवक की गोली मारकर हत्या में लिप्त आरोपियों में से तीन ने रविवार दोपहर चित्तौड़गढ़ शहर में स्थित मीरा नगरी चौकी में सरेंडर कर दिया। बाद में इन्हें सदर थाने ले जाकर उदयपुर पुलिस को सूचना दी गई। इस पर उदयपुर जिले की फतहनगर व उदयपुर जिला मुख्यालय से अम्बामाता पुलिस की टीम चित्तौड़गढ़ पहुंची। फिलहाल तीनों को हिरासत में लिए जाने के सम्बंध में उदयपुर व चित्तौड़गढ़ पुलिस कोई भी बयान नहीं दे रही है।
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उदयपुर शहर में शनिवार शाम को हुए गजेंद्र छापरवाल नामक युवक की गोली मारकर हत्या में लिप्त आरोपियों में से तीन ने रविवार दोपहर चित्तौड़गढ़ शहर में स्थित मीरा नगरी चौकी में सरेंडर कर दिया। बाद में इन्हें सदर थाने ले जाकर उदयपुर पुलिस को सूचना दी गई। इस पर उदयपुर जिले की फतहनगर व उदयपुर जिला मुख्यालय से अम्बामाता पुलिस की टीम चित्तौड़गढ़ पहुंची। फिलहाल तीनों को हिरासत में लिए जाने के सम्बंध में उदयपुर व चित्तौड़गढ़ पुलिस कोई भी बयान नहीं दे रही है।
जानकारी के अनुसार शनिवार शाम करीब साढ़े छह बजे अम्बामाता थाना क्षेत्र में रामपुरा चौराहे से करीब 100 मीटर पहले एकलिंगनाथ गार्डन के सामने यह वारदात हुई थी। बाइक पर सवार होकर आए चार युवकों ने ताबड़तोड़ गोलिया चलाते हुए गांधीनगर मल्लातलाई निवासी गजेंद्र पुत्र प्रकाश छापरवाल की हत्या कर दी थी। हत्या की इस वारदात से शहर में हड़कम्प मच गया था। पुलिस वारदात में लिप्त चारों आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उदयपुर सहित पड़ोसी जिलों की पुलिस को भी सूचना दी गई थी। रविवार दोपहर तक किसी का सुराग नहीं मिला था।
इस बीच चित्तौड़गढ़ जिले के सदर थानान्तर्गत रेलवे स्टेशन के निकट स्थित मीरानगर चौकी पर वारदात में लिप्त तीन युवकों ने सरेंडर कर दिया। इनकी उम्र 20 से 24 के बीच थी. इन्हें बाद में सदर थाना पुलिस थाने ले गई व उच्च अधिकारियों को बताया। बाद में आरोपियों के सरेंडर की सूचना उदयपुर पुलिस को दी गई। करीब तीन-चार घंटे तक तीनों आरोपी पुलिस थाने में बैठे रहे। आरोपियों को लेने के लिए उदयपुर की अम्बामाता थाना पुलिस के साथ ही फतहनगर थाना पुलिस को रवाना किया गया।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गजेन्द्र छापरवाल की हत्या पुरानी रंजिश के चलते सुनील लोठ ने अपने साथियों के साथ की थी। सुनील के भाई विक्रम की 2015 में हत्या हुई थी जिसमे गजेंद्र छापरवाल मुख्य आरोपी था, व इसी महीने जेल से बाहर आया था। बदला लेने की नीयत से सुनील ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस हत्याकाण्ड को अंजाम दिया। चित्तौड़ पुलिस ने जिन तीन आरोपियों को उदयपुर पुलिस को सुपूर्द किया है वे तीनों ही सुनील के साथ रह कर काम करते हैं।