₹25,000 करोड़ से बनने जा रहा है गंगा-वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर, हाईस्पीड कनेक्टिविटी को मिलेगी नई रफ्तार

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₹25,000 करोड़ से बनने जा रहा है गंगा-वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर, हाईस्पीड कनेक्टिविटी को मिलेगी नई रफ्तार 

Udaipur Times, Varuna Elevated Corridor Ganga Elevated Corridor in Varanasi: वाराणसी में भारी ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करने के लिए केंद्र सरकार की ₹25,000 करोड़ की परियोजना ने गति पकड़ ली है। इस पहल में दो प्रमुख परियोजनाएं शामिल हैं: वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर और गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर। वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण वरुणा नदी के किनारे किया जाएगा, जो NH-19 से वाराणसी रिंग रोड तक जाएगा। 43 किलोमीटर लंबे और 6-लेन वाले इस कॉरिडोर की अनुमानित लागत ₹11,000 करोड़ है, और इसके लिए टेंडर 23 अक्टूबर तक खोले जाएंगे। वहीं, गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर गंगा नदी के किनारे-किनारे चलेगा; यह 46 किलोमीटर लंबा, 6-लेन वाला, एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड कॉरिडोर होगा। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सितंबर में कैबिनेट ने इन दोनों परियोजनाओं को मंजूरी दी थी।

गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर का रूट
गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर वाराणसी की सबसे बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजना है। गंगा नदी के समानांतर चलने वाला यह 46 किलोमीटर लंबा, 6-लेन वाला, एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड कॉरिडोर है, जिसमें ₹14,447 करोड़ का निवेश किया जाएगा। यह नेशनल हाईवे-19 (NH-19) को वाराणसी आउटर रिंग रोड से जोड़ेगा। यह कॉरिडोर वाराणसी के प्रमुख स्थलों तक सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगा, जिनमें काशी विश्वनाथ मंदिर, नमो घाट, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU), रामनगर किला और शहर के मुख्य रेलवे स्टेशन शामिल हैं। इससे हाईवे और रिंग रोड के बीच यात्रा का समय एक घंटे से घटकर केवल 20 मिनट रह जाएगा। इस परियोजना में गंगा नदी पर 910 मीटर लंबा केबल-स्टेयड पुल और 1.3 किलोमीटर लंबा फुट-ओवरब्रिज बनाना भी शामिल है।

वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर का रूट
वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर 43 किलोमीटर लंबी, 6-लेन वाली एक एलिवेटेड सड़क होगी, जो वरुणा नदी के किनारे-किनारे चलेगी। इसके कुल ₹10,998 करोड़ के बजट में से लगभग ₹935 करोड़ की राशि भूमि अधिग्रहण के लिए आवंटित की गई है। यह कॉरिडोर वरुण नदी के रास्ते से होते हुए नेशनल हाईवे-31 (NH-31) को वाराणसी रिंग रोड से जोड़ेगा। यह मार्ग पश्चिमपुर, काजीसराय, अयोध्यापुर और कोटवा जैसे गांवों से होकर गुजरेगा। वरुण एलिवेटेड कॉरिडोर वाराणसी सिटी स्टेशन, वाराणसी एयरपोर्ट, कैंट रेलवे स्टेशन, काशी रेलवे स्टेशन और पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन को आपस में जोड़ेगा। NH-31 और काशी रेलवे स्टेशन के बीच यात्रा का समय 40 मिनट से घटकर 20 मिनट रह जाएगा।

वरुण और गंगा कॉरिडोर से जुड़े अपडेट
वरुण कॉरिडोर के लिए जमीन की पैमाइश और सीमांकन का काम तेज हो गया है। पहले चरण में, अयोध्यापुर, कोटवा और पश्चिमपुर जैसे गांवों में सर्वे किया जा रहा है। दोनों कॉरिडोर का विकास NHAI (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) द्वारा 'हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल' (HAM) के तहत किया जा रहा है। ये दोनों कॉरिडोर मिलकर 89 किलोमीटर लंबा एक एलिवेटेड नेटवर्क बनाते हैं। इससे वाराणसी आने वाले 15 करोड़ से अधिक पर्यटकों को बहुत फायदा होगा और शहर के भीतर वाहनों का ट्रैफिक कम करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों जैसे प्रयागराज, भदोही, मिर्जापुर और जौनपुर से लोगों और सामानों की आवाजाही में कई गुना वृद्धि होगी।

वाराणसी में, गंगा और वरुण एलिवेटेड कॉरिडोर एक प्रवेश और निकास बिंदु (गेटवे) के रूप में काम करेंगे, जो पूरे पूर्वांचल क्षेत्र और उत्तर भारत में फैले एक बड़े एक्सप्रेसवे नेटवर्क को जोड़ेंगे।

कॉरिडोर की एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी
गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ाव
दूसरे चरण में, गंगा एक्सप्रेसवे का विस्तार मेरठ-प्रयागराज खंड से आगे भदोही, वाराणसी, गाजीपुर और बलिया तक किया जा रहा है। गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर, रिंग रोड के जरिए सीधे इस विस्तार से जुड़ जाएगा।

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, वाराणसी रिंग रोड पर स्थित गाजीपुर-चंदौली लिंक रोड के माध्यम से इस नेटवर्क से जुड़ जाएगा। गंगा और वरुण कॉरिडोर का उपयोग करके, वाहन शहर में प्रवेश किए बिना सीधे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के रास्ते लखनऊ या बिहार की ओर जा सकेंगे।

वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे
वाराणसी को कोलकाता से जोड़ने वाला 610 किलोमीटर लंबा, 6-लेन का एक्सप्रेसवे अभी निर्माणाधीन है, जो वाराणसी की चंदौली सीमा से शुरू होता है। यह कॉरिडोर सीधे रिंग रोड से भी जुड़ा हुआ है। इससे बिहार, झारखंड और बंगाल की ओर से आने वाला ट्रैफिक सीधे एक्सप्रेसवे पर चला जाएगा। गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर NH-19 से शुरू होकर रिंग रोड तक जाता है। इसी तरह, वरुण एलिवेटेड कॉरिडोर वाराणसी-गाजीपुर-छपरा-पटना हाईवे (NH-31) से शुरू होकर रिंग रोड और काशी स्टेशन तक पहुंचता है। इससे बिहार सीमा और गोरखपुर की ओर से आने वाले ट्रैफिक का आवागमन आसान हो जाएगा।

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