धूमधाम से मनाई गयी गंगादशमी, निर्जला एकादशी कल
शहर के जगदीश मन्दिर में बुधवार को निर्जला एकादशी मनाई जाएगी। एकादशी को लेकर प्रति वर्ष की तरह इस वर्ष भी पुजारियों के द्वारा तैयारियां की गई।

शहर के जगदीश मन्दिर में बुधवार को निर्जला एकादशी मनाई जाएगी। एकादशी को लेकर प्रति वर्ष की तरह इस वर्ष भी पुजारियों के द्वारा तैयारियां की गई।
निर्जला एकादशी से एक दिन पूर्व गंगा दशमी मनाई जाती है। इसी को लेकर मंगलवार को जगदीश मन्दिर मे धूमधाम से गंगादशमी मनाई गई। गंगादशमी को लेकर सुबह से ही महिलाओं के द्वारा गंगाजी के कीर्तन गाये जा रहे थे। माना जाता है कि माँ गंगा का उद्भव आज ही के दिन हुआ था।
मन्दिर के कीर्तनकार दामोदरदास वैष्णव ने बताया कि निर्जला एकादशी के मौके पर दान-पुण्य का बडा महत्व माना जाता है। एकादशी पर जगदीश मन्दिर मे भक्तों के द्वारा गरीब व असहाय लोगों को दान दिया जाता है।
पर्व को लेकर भगवान जगन्नाथ की प्रतिमा का विशेष श्रृंगार किया जाएगा। एकादशी को लेकर 5 दिनो से रथ समिति व धर्मोत्सव समिति के द्वारा तैयारिया की जा रहीं थी। पर्व के दिन धर्मोत्सव समिति के कार्यकर्ता जगदीश चैक व रथ समिति के कार्यकर्ता मन्दिर की व्यवस्था संभालेंगे।
निर्जला एकादशी के मौके पर अल-सुबह भगवान जगदीश को पंचामृत स्नान करवाया जाएगा, जिसमें श्रृंगार में केसरिया रंग के वस्त्र धारण करवाकर हीरे-मोती, स्वर्ण के आभुषण धराए जाएँगे जिसके बाद भगवान को कमल की पिछवाई धराई जाएगी। दोपहर में भगवान को राजभोग, फलाहार व विभिन्न व्यंजनो का भोग भी धराया जाएगा।
श्रीनाथजी के मन्दिरो मे निर्जला एकादशी गुरूवार को मनाई जाएगी, गुरूवार को शहर के अस्थल मन्दिर, श्रीनाथ मन्दिर में एकादशी के पर्व को गुरूवार को विशेष झांकियों के दर्शन भी होंगे।
मंगलवार को शहर के जगदीश चौक स्थित आशीष की हवेली में हुई धर्मोत्सव समिति की ओर तैयारी जगन्नाथ रथ यात्रा को लेकर बैठक आयोजित की गई, जिसमे शहर के 138 समाज व संगठनो के पदाधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक के दौरान विभिन्न समाजो के द्वारा निकालने वाली 138 झाकियों के बारे मे चर्चा की गई। यात्रा के दौरान महिलाओं की कलश यात्रा व अखाडा प्रदर्शन भी किया जाएगा। यात्रा मार्गों पर लगाने के लिये 2000 झंडे भी लगवाये जाएँगे।
भगवान जगन्नाथ यात्रा के दौरान मुख्य आकर्षण का केन्द्र महाआरती रहेगी, जो यात्रा के समापन अवसर पर कालाजी गौराजी रोड व आरएमवी कॉलेज के बाहर की जायेगी। यात्रा को लेकर 21,000 दीपक भी बनाये गये हैं।
बैठक के दौरान आलोक स्कुल के निदेशक प्रदीप कुमावत ने बताया कि यात्रा के समापन पर होने वाली महाआरती की व्यस्वथा आलोक इंटरैक्ट क्लब के 200 छात्रों द्वारा की जायेगी।